इस शख्स ने बेचे 1 अरब डॉलर से ज्यादा के शेयर, जानें क्यों किया ऐसा?

3.3kViews
1037 Shares

चिप निर्माण की दिग्गज कंपनी एनवीडिया (NVIDIA) के सीईओ जेन्सेन हुआंग (Jensen Huang) ने जून से अब तक कंपनी के 1 अरब डॉलर (करीब ₹88 अरब) से ज्यादा के शेयर बेच दिए हैं। शेयर बेचना उनकी एक बड़ी योजना का हिस्सा था जो उन्होंने पहले से बनाई हुई थी। जिसके तहत वह साल के अंत तक करीब 60 लाख शेयर बेचने की योजना बना चुके हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हुआंग ने हाल ही में 25,000 शेयर बेचे, जो मार्च में तैयार की गई योजना के अनुरूप है। जिसमें उन्होंने साल के अंत तक 60 लाख शेयर बेचने का फैसला किया था। जब उन्होंने जून के अंत में शेयर बेचना शुरू किया था, तब उनकी कीमत लगभग 865 मिलियन डॉलर थी। तब से एनवीडिया के शेयरों में 40% से ज्यादा की तेजी आई है, जिसका कारण है AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) प्रोसेसर की जबरदस्त मांग।

एनवीडिया ने पार की भारत की GDP

कैलिफोर्निया स्थित यह कंपनी बुधवार को 5 ट्रिलियन डॉलर मार्केट वैल्यू तक पहुंचने वाली पहली टेक कंपनी बन गई। यह उपलब्धि उसने केवल चार महीने पहले 4 ट्रिलियन डॉलर स्तर पार करने के बाद हासिल की। इस वैल्यूएशन के साथ कंपनी ने भारत की GDP को भी पीछे छोड़ दिया।

तीन नए अरबपति बने

इस साल एनवीडिया ने अपने शेयरधारकों में से तीन नए अरबपति भी बनाए हैं, जिनमें कंपनी की बोर्ड सदस्य ब्रुक सीवेल (Brooke Seawell) भी शामिल हैं। वहीं, 62 वर्षीय जेन्सेन हुआंग अब ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स में 9वें स्थान पर पहुंच गए हैं। उनकी कुल संपत्ति $175.7 अरब हो गई है, जो इस साल $61.3 अरब बढ़ी है।

ब्लूमबर्ग के अनुसार, हुआंग ने 2001 से अब तक $2.9 अरब के एनवीडिया शेयर बेचे हैं। उनके पास कंपनी में अब भी 3.5% हिस्सेदारी है। उन्होंने इस साल अपनी फाउंडेशन और डो-एडवाइज्ड फंड को $300 मिलियन से अधिक मूल्य के शेयर दान किए हैं।

AI लहर से बढ़ी संपत्ति

हुआंग अकेले ऐसे टेक लीडर नहीं हैं जिन्होंने AI बूम से फायदा उठाया है। अरिस्टा नेटवर्क्स की सीईओ जयश्री उल्लाल ने तीसरी तिमाही में $861 मिलियन के शेयर बेचे, यह जेफ बेजोस के बाद सबसे बड़ी व्यक्तिगत बिक्री थी। वहीं, CoreWeave Inc. के अंदरूनी निवेशकों ने भी अपने IPO लॉकअप पीरियड के खत्म होने के बाद $1 अरब डॉलर से ज्यादा के शेयर बेचे हैं।

एनवीडिया का यह उछाल बताता है कि AI सेक्टर अब भी निवेशकों का केंद्र बना हुआ है और चिप उद्योग आने वाले वर्षों में भी टेक वर्ल्ड का “इंजन” बना रह सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *