सरकार का लक्ष्य अब 20 लाख MSME ग्राहकों तक ME-Card पहुंचाना

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केंद्र सरकार ने बैंकों से कहा है कि वे माइक्रो एंटरप्राइज कार्ड (ME-Card) के वितरण का इस साल का लक्ष्य दोगुना करें, ताकि सभी पात्र सूक्ष्म इकाइयों (Micro Units) को वर्किंग कैपिटल क्रेडिट (कार्यशील पूंजी ऋण) तक तेजी से पहुंच मिल सके।

सूत्रों के अनुसार, सरकार ने इस वित्त वर्ष के लिए शुरू में बैंकों को 10 लाख ME-कार्ड जारी करने का लक्ष्य दिया था। अब इसे 20 लाख से अधिक ग्राहकों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में घोषित यह ME-Card योजना MSME क्षेत्र विशेष रूप से Udyam Portal पर पंजीकृत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को सरल तरीके से ऋण सुविधा देने के लिए तैयार की गई है।

हर ME-Card पर ₹5 लाख तक की क्रेडिट लिमिट दी जाएगी। सरकार का अनुमान है कि इस योजना से ₹25,000 से ₹30,000 करोड़ तक का अतिरिक्त ऋण वितरण MSME क्षेत्र को मिलेगा। एक वरिष्ठ बैंक अधिकारी के मुताबिक, सरकार के निर्देश के बाद अब बैंकों को एक समान पात्रता मानदंड और आवेदन प्रक्रिया अपनाने को कहा गया है। उन्होंने बताया, “हम MSME ऋण के लिए एक कॉमन एप्लिकेशन फॉर्म पर काम कर रहे हैं ताकि प्रक्रिया सरल और एकरूप हो सके। सरकार चाहती है कि बैंक तेजी से मूल्यांकन करें और लक्ष्य को दोगुना करें।”

इस क्रेडिट कार्ड सुविधा के तहत ऋण डिजिटल मूल्यांकन मॉडल पर आधारित होगा, जैसे UPI और बैंक स्टेटमेंट्स अपलोड करना या Account Aggregator (AA) फ्रेमवर्क के जरिए आय का आकलन। पूरा प्रोसेस मंजूरी से लेकर लोन वितरण तक पूरी तरह डिजिटल होगा। सरकार ने पहले ही स्पष्ट किया था कि ME-Card से Udyam Portal पर पंजीकृत MSMEs को बिना विस्तृत वित्तीय दस्तावेज और बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा छोटे उद्यमों को तेजी से फंड एक्सेस, बेहतर खर्च प्रबंधन, और क्रेडिट अनुशासन बनाए रखने में मदद करेगी।

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