झिड़ी मेला शुरू होने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। बाबा तालाब देवस्थान में स्थित बुआ कोड़ी बाबा जित्तो का मंदिर दुल्हन की तरह सजाया गया है। रंग-बिरंगी एलईडी लाइटों से पूरा मंदिर परिसर जगमगा उठा है। शाम ढलते ही मंदिर का नजारा देखने लायक बन जाता है।
हर साल कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर यहां लाखों श्रद्धालु बुआ कोड़ी बाबा जित्तो के दर्शन करने आते हैं। मेला स्थल पर भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जो वातावरण को भक्तिमय बना देते हैं। यह मेला बाबा जित्तो के बलिदान की याद को जीवंत रखता है। इस बार भी मेले की तैयारियां जोरों पर हैं। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों से श्रद्धालु झिड़ी पहुंचना शुरू हो गए हैं। गुरुवार को कई श्रद्धालु यहां पहुंचे, जबकि बाकी अगले दो दिनों में पहुंचेंगे।
श्रद्धालुओं ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर वे बुआ कोड़ी बाबा जित्तो के दर्शन करने और तालाब में पवित्र स्नान करने के बाद घर लौटेंगे। कुछ श्रद्धालु पूरे दस दिन तक मेला स्थल पर रुककर भजन-कीर्तन और कार्यक्रमों का आनंद लेने की योजना बना रहे हैं। लाखों श्रद्धालुओं की यह आमद बाबा जित्तो के त्याग और बलिदान की भावना को फिर से जीवंत कर रही है।

