किसान ध्यान दें… 21वीं किस्त आने से पहले भूलकर भी न करें ये गलती, वरना रुक जाएगा पैसा

3.2kViews
1158 Shares

केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कई योजनाएं चला रही है। इन्हीं में से एक है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan Samman Nidhi Yojana), जिसके तहत किसानों को साल में ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि सरकार किसानों के खातों में ₹2,000 की तीन किस्तों के रूप में भेजती है। यानी हर चार महीने में एक किस्त।

अब तक जारी हो चुकी हैं 20 किस्तें

अब तक केंद्र सरकार इस योजना के तहत 20 किस्तें जारी कर चुकी है, जिससे देशभर के करोड़ों किसानों को सीधा फायदा मिला है। अब सभी किसानों को 21वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार है, जो दिसंबर 2025 में आने की उम्मीद है।
लेकिन इससे पहले सरकार ने महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। अगर किसान कुछ जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं करते, तो उनका भुगतान रुक सकता है।

किसानों को ध्यान रखनी होंगी ये दो बड़ी बातें

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज़ और अपडेट पूरे करने होते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगर किसान इनमें लापरवाही करते हैं, तो उनकी अगली किस्त अटक जाएगी।

1. ई-केवाईसी (e-KYC) जरूरी है –

बहुत से किसान अपनी e-KYC प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाते हैं। यह योजना का सबसे अहम हिस्सा है। जिन किसानों की e-KYC लंबित है, उनके खाते में 21वीं किस्त नहीं आएगी। इसलिए किसान जल्द से जल्द e-KYC अपडेट करवाएं। यह काम CSC सेंटर या PM Kisan की वेबसाइट पर जाकर किया जा सकता है।

2. भू-सत्यापन (Land Verification) –

कई राज्यों में किसानों के जमीन से जुड़े दस्तावेज़ अपडेट नहीं हैं या सत्यापन अधूरा है। अगर भू-सत्यापन पूरा नहीं हुआ, तो योजना का लाभ रोका जा सकता है। किसानों को अपने राजस्व विभाग या ग्राम पंचायत कार्यालय से यह प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।

कब जारी हो सकती है 21वीं किस्त?

केंद्र सरकार हर साल पीएम किसान की तीन किस्तें अप्रैल, अगस्त और दिसंबर में भेजती है। इस साल की 21वीं किस्त दिसंबर 2025 के पहले या दूसरे सप्ताह में जारी की जा सकती है। हर पात्र किसान के बैंक खाते में ₹2,000 की राशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए भेजी जाएगी।

किन किसानों की किस्त अटक सकती है?

  • जिनकी e-KYC अधूरी है
  • जिनका भू-सत्यापन लंबित है
  • जिनके बैंक खाते का विवरण या IFSC कोड गलत है
  • जिन किसानों का नाम और आधार नंबर मैच नहीं कर रहा

इनमें से कोई भी गलती आपकी किस्त रोक सकती है। इसलिए किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि दिसंबर से पहले सभी दस्तावेज़ और बैंक जानकारी सही कर लें।

सरकार का उद्देश्य

पीएम किसान योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहयोग देना है ताकि वे खेती-किसानी के खर्च को पूरा कर सकें और कृषि उत्पादन बढ़ा सकें। इस योजना से अब तक 11 करोड़ से ज्यादा किसानों को फायदा मिला है और केंद्र सरकार इस पहल को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *