कहीं पढ़ा है कि अमीरी की भी एक सीमा होती है? तो ज़रा इस गांव में झांकिए – यहां हर घर के बाहर खड़ी हैं निजी हवाई जहाज़, और लोग सुबह की चाय एयरपोर्ट पर पीते हैं। सड़कों की जगह रनवे और गैराज में खड़े जेट देखकर आपको यकीन हो जाएगा कि यह जगह सचमुच आसमान में बसती है।
कहां है यह ‘उड़ता हुआ गांव’?
यह अनोखी जगह है कैमरन एयर पार्क, जो कैलिफोर्निया के एल डोरैडो काउंटी में स्थित है। दुनिया के चुनिंदा ऐसे इलाकों में से एक, जिसे सचमुच “एयर विलेज” कहा जाता है – क्योंकि यहां के निवासी कार नहीं, विमान से घर आते-जाते हैं। 1963 में बसाया गया यह इलाका उस वक्त बना, जब अमेरिकी सरकार ने अपने रिटायर्ड पायलटों को बसाने के लिए खास कॉलोनी का विचार तैयार किया था।
हर घर के पास खुद का विमान – और हेंगर ही गैराज
इस एयरपार्क में करीब 124 आलीशान घर हैं, और लगभग हर घर के आगे एक निजी हवाई जहाज़ खड़ा रहता है। जहां आम लोग कार गैराज बनवाते हैं, वहीं यहां हर घर में एयरक्राफ्ट हेंगर बने हैं। गांव की सड़कों को इतने चौड़े रनवे की तरह बनाया गया है कि छोटे जेट या प्राइवेट प्लेन आराम से उड़ान भर सकें या उतर सकें। यहां के ज्यादातर निवासी या तो पूर्व पायलट हैं, या फिर एक्टिव फ्लायर्स – यानी उड़ान उनका रोज़मर्रा का हिस्सा है।
उड़ते-उड़ते कॉफी, आसमान में ब्रेकफास्ट
इस गांव की दिनचर्या उतनी ही अनोखी है जितनी इसकी बनावट। यहां लोग अपने प्लेन से ऑफिस जाते हैं, और वीकेंड पर उड़कर दूसरे शहरों में घूम आते हैं। गांव की कम्युनिटी मीटिंग्स या सुबह का नाश्ता एयरपोर्ट कैफे में होता है, जहां बातचीत का विषय होता है – “आज किसकी लैंडिंग सबसे स्मूद रही?” यहां की ज़िंदगी इतनी व्यवस्थित और शांत है कि बाहरी लोग भी इसे “स्काईलाइफ का स्वर्ग” कहते हैं।
कैसे बना यह उड़ता सपना हकीकत?
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका में हजारों पायलट ऐसे थे जिनका उड़ान का जुनून अब भी बरकरार था, पर नौकरी खत्म हो चुकी थी। तभी सरकार ने कुछ एयरफील्ड्स को रिहायशी ज़ोन में बदलने का प्लान बनाया – ताकि ये पायलट आसमान के करीब ही रह सकें। इसी विचार से जन्म हुआ कैमरन एयर पार्क का – जहां आसमान से उतरते ही कोई अपने ड्राइववे की जगह रनवे पर पहुंच जाता है।
क्यों है यह जगह खास और सीमित
यह गांव न केवल अमीरी का प्रतीक है, बल्कि एक अनोखी जीवनशैली (Lifestyle Statement) भी है। यहां के निवासी “फ्लाई-इन कम्युनिटी” कहलाते हैं – यानी वे लोग जिनके लिए विमान चलाना उतना ही आम है, जितना किसी के लिए बाइक चलाना। बाहर वालों की यहां एंट्री आसान नहीं है। बिना स्पेशल परमिशन किसी को इस इलाके में आने की इजाज़त नहीं मिलती।

