उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। अब स्कूलों में बच्चों को मिड-डे मील के तहत मिलने वाले भोजन में हलवा और उपमा भी शामिल किया जा रहा है। प्रधानमंत्री पोषण योजना यानी पीएम पोषण योजना के अंतर्गत शुरू की जा रही इस नई व्यवस्था का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक और विविधतापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है। बलिया जिले में इसकी शुरुआत 6 नवंबर से होने जा रही है।
दरअसल, सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर पोषण देने और उनकी भोजन संबंधी जरूरतों का ध्यान रखने के लिए पीएम पोषण योजना संचालित की जाती है। अब इस योजना के तहत बच्चों के भोजन में नए व्यंजन शामिल किए जा रहे हैं, ताकि उन्हें रोजाना एक जैसा भोजन न मिले और खाने में विविधता भी बनी रहे।
हलवा और उपमा से बढ़ेगी भोजन की विविधता
नई व्यवस्था के तहत स्कूली बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार हलवा और उपमा परोसा जाएगा। इससे बच्चों को भोजन में नए विकल्प मिलेंगे। हलवा और उपमा जैसे व्यंजनों को शामिल करने का उद्देश्य बच्चों के भोजन को अधिक आकर्षक और विविध बनाना है।
6 नवंबर से बलिया में शुरुआत
बलिया जिले में 6 नवंबर से इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी है। इसके लिए संबंधित स्कूलों और जिम्मेदार अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों में योजना के तहत निर्धारित भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
बच्चों के पोषण पर रहेगा जोर
पीएम पोषण योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करना है। इसके साथ ही बच्चों की स्कूल में उपस्थिति बढ़ाना और उन्हें पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना भी इस योजना के प्रमुख लक्ष्यों में शामिल है।
बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलने से उनकी खान-पान संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है। वहीं, भोजन में बदलाव होने से बच्चों की रुचि भी बनी रहने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, बलिया के सरकारी स्कूलों में 6 नवंबर से हलवा और उपमा की शुरुआत बच्चों के लिए एक नया अनुभव होगी। अब देखना होगा कि नई व्यवस्था को स्कूलों में किस तरह लागू किया जाता है और बच्चों को इसका कितना लाभ मिलता है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

