अस्पतालों में इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को अक्सर दवाइयों, खाने-पीने की चीजों और रोजमर्रा के जरूरी सामान के लिए अस्पताल परिसर में मौजूद दुकानों पर निर्भर रहना पड़ता है। इसी बीच PGI प्रशासन ने मरीजों और उनके परिजनों को राहत देने के लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। अब अस्पताल परिसर में संचालित कैंटीन और दुकानों पर यदि मरीजों को निर्धारित कीमत से ज्यादा दाम पर सामान बेचा गया, तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नए नियमों के तहत अधिक कीमत वसूलने पर दुकानदार पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं, गंभीर अनियमितता सामने आने पर कैंटीन या दुकान का लाइसेंस भी निलंबित किया जा सकता है।
मरीजों से ज्यादा पैसे वसूलने पर होगी कार्रवाई
PGI प्रशासन का उद्देश्य अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक शोषण से बचाना है। अस्पताल परिसर में जरूरी सामान खरीदने वाले लोगों को उचित कीमत पर वस्तुएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
कई बार अस्पतालों में आने वाले लोगों को मजबूरी में कैंटीन या दुकानों से सामान खरीदना पड़ता है। ऐसी स्थिति में यदि दुकानदार निर्धारित मूल्य से अधिक पैसे वसूलते हैं, तो इसका सीधा आर्थिक बोझ मरीजों और उनके परिवारों पर पड़ता है।
50 हजार रुपये तक का जुर्माना
नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर अब आर्थिक दंड लगाने का प्रावधान किया गया है। निर्धारित कीमत से अधिक पैसे वसूलने की शिकायत सही पाए जाने पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
इसके अलावा, बार-बार नियमों का उल्लंघन करने या गंभीर अनियमितता मिलने पर संबंधित दुकान या कैंटीन का लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
कैंटीन और दुकानों पर रहेगी नजर
PGI प्रशासन की ओर से अस्पताल परिसर में संचालित दुकानों और कैंटीन की निगरानी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दुकानदारों को निर्धारित कीमतों और नियमों का पालन करना होगा।
इस व्यवस्था के तहत मरीजों और उनके परिजनों की शिकायतों पर भी कार्रवाई की जा सकेगी। इससे अस्पताल परिसर में पारदर्शिता बनाए रखने और अनुचित वसूली पर रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मरीजों और परिजनों को मिलेगी राहत
अस्पताल में इलाज के दौरान मरीजों के परिवार पहले ही कई तरह के खर्चों का सामना करते हैं। ऐसे में खाने-पीने और जरूरी सामान के लिए अतिरिक्त कीमत चुकाना उनकी परेशानी बढ़ा सकता है।
PGI प्रशासन के इस फैसले से मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिलने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि नए नियमों की निगरानी और शिकायतों पर कार्रवाई कितनी प्रभावी तरीके से लागू होती है।
कुल मिलाकर, PGI में महंगे दाम पर सामान बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ जुर्माने और लाइसेंस निलंबन का प्रावधान मरीजों के हितों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

