बांका के स्कूल में बड़ी लापरवाही: मासूम छात्र को कमरे में बंद कर घर चले गए शिक्षक, 2 घंटे तक रोता रहा बच्चा; ग्रामीणों में आक्रोश

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बिहार के बांका जिले से शिक्षा व्यवस्था और स्कूल प्रबंधन की लापरवाही का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी स्कूल में शिक्षक कथित तौर पर एक मासूम छात्र को कमरे में बंद करके घर चले गए। बच्चा करीब दो घंटे तक स्कूल के कमरे में बंद रहा और मदद के लिए रोता-बिलखता रहा। जब इस घटना की जानकारी ग्रामीणों को मिली तो वे गुस्से में स्कूल पहुंच गए और शिक्षकों के प्रति नाराजगी जाहिर की।

जानकारी के मुताबिक, घटना स्कूल की छुट्टी के समय हुई। आरोप है कि शिक्षक स्कूल बंद करके घर चले गए, लेकिन इस दौरान उन्हें यह ध्यान नहीं रहा कि एक छात्र अभी भी कमरे के अंदर मौजूद है। कुछ देर बाद जब बच्चे को एहसास हुआ कि वह कमरे में अकेला बंद है, तो वह घबरा गया और रोने लगा।

बताया जा रहा है कि मासूम करीब दो घंटे तक कमरे के अंदर ही मदद के लिए आवाज लगाता रहा। इस दौरान उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोगों को मामले की जानकारी हुई। ग्रामीणों ने जब स्कूल पहुंचकर स्थिति देखी तो वे हैरान रह गए।

इसके बाद ग्रामीणों ने बच्चे को कमरे से बाहर निकलवाया। घटना को लेकर लोगों में काफी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों ने स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि स्कूल बंद करने से पहले सभी बच्चों की मौजूदगी सुनिश्चित करना शिक्षकों की जिम्मेदारी है।

स्कूल प्रबंधन की लापरवाही पर उठे सवाल

इस घटना ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल में पढ़ने वाले छोटे बच्चों की देखरेख करना शिक्षकों और स्कूल प्रशासन की अहम जिम्मेदारी होती है। ऐसे में किसी बच्चे का स्कूल के कमरे में बंद रह जाना बेहद चिंताजनक है।

ग्रामीणों ने मामले की जांच कराने और जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस घटना को कितनी गंभीरता से लेता है और जांच के बाद क्या कदम उठाए जाते हैं।

फिलहाल इस घटना ने बांका में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही को लेकर चर्चा तेज कर दी है। एक मासूम बच्चे के साथ हुई इस घटना ने अभिभावकों की चिंता भी बढ़ा दी है। सवाल यही है कि आखिर स्कूल बंद करने से पहले बच्चों की गिनती और उनकी सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित क्यों नहीं की गई?

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