हरियाणा में भवन निर्माण से जुड़े नियमों में फिर बदलाव की तैयारी है। शहरों में प्लॉट के आकार के हिसाब से फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर), ग्राउंड कवरेज और बेसमेंट की अनुमति मिलेगी।
नगर एवं आयोजना विभाग के महानिदेशक डॉ. जे गणेशन ने हरियाणा बिल्डिंग कोड-2017 में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर एक दिसंबर तक आम जनता और हितधारकों से आपत्तियां एवं सुझाव मांगे हैं।
प्रस्तावित बदलावों में प्लॉट के क्षेत्रफल के अनुसार ग्राउंड कवरेज, बेसमेंट, बेस एफएआर और अतिरिक्त एफएआर की सीमा निर्धारित की गई है। अलग-अलग आकार के प्लॉट के लिए निर्माण की अधिकतम सीमा तय करने का प्रस्ताव है।
प्लॉट के आधार पर तय होंगी श्रेणियां
प्लॉट के आकार के आधार पर भवनों की पांच श्रेणियां बनाई गई हैं। इनमें 100 वर्ग मीटर, 100 से 250 वर्ग मीटर, 250 से 350 वर्ग मीटर, 350 से 500 वर्ग मीटर और 500 से 1000 वर्ग मीटर तक के प्लॉट शामिल हैं।
ग्राउंड के साथ तीन फ्लोर हों या फिर स्टिल्ट प्लस फोर, भवन की अधिकतम ऊंचाई 16.5 मीटर निर्धारित रहेगी। सिंगल लेवल बेसमेंट की अनुमति होगी।
100 वर्ग मीटर के प्लॉट पर बेस एफएआर 165 प्रतिशत और अतिरिक्त खरीद योग्य एफएआर सहित अधिकतम एफएआर 264 प्रतिशत प्रस्तावित किया गया है। 100 से 250 वर्ग मीटर तक के प्लॉट के लिए 145 प्रतिशत बेस एफएआर और अतिरिक्त खरीद योग्य एफएआर सहित अधिकतम 264 प्रतिशत एफएआर का प्रस्ताव है।
250 वर्ग मीटर से बड़े प्लॉट पर अधिकतम 240 प्रतिशत एफएआर
250 से 350 वर्ग मीटर तक के प्लॉट के लिए बेस एफएआर 130 प्रतिशत और अधिकतम एफएआर 240 प्रतिशत, 350 से 500 वर्ग मीटर तक के प्लॉट के लिए बेस एफएआर 120 प्रतिशत और अतिरिक्त खरीद योग्य एफएआर सहित अधिकतम एफएआर 240 प्रतिशत, 500 से 1000 वर्ग मीटर तक के प्लॉट के लिए बेस एफएआर 100 प्रतिशत और अतिरिक्त खरीद योग्य एफएआर सहित अधिकतम एफएआर 240 प्रतिशत निर्धारित किया गया है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

