कुश्‍ती में भारत को मेडल दिलाने का देखा सपना, एक्टिंग के ऑफर के कारण बदल गई करियर की दिशा; सुपरस्‍टार मोहनलाल की अनोखी कहानी

9.8kViews
1630 Shares

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। मलयालम सिनेमा की जब बात आती है तो एक नाम सबसे आगे रहता है। ये नाम है मोहनलाल। मोहन ने अपनी दमदार एक्टिंग से अलग पहचान बनाई है और वह साउथ फिल्म इंडस्ट्री के बहुत बड़े सितारे हैं। हालांकि, एक्टिंग से पहले मोहनलाल कुश्ती की दुनिया में नाम कमा रहे थे और स्टेट लेवल चैंपियन तक रह चुके थे।

हमारी खास सीरीज ‘स्पोर्ट्स टू स्क्रीन’ में आज कहानी साउथ स्टार मोहन लाल की जो पहले रेसलर थे और फिर फिल्मी दुनिया में आ गए। फिल्मों की दुनिया में उन्होंने जमकर नाम कमाया और आज उनकी फैन फॉलोइंग का कोई जवाब नहीं है।

टाइम्स ऑफ इंडिया में 21 मई 2025 को छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, मोहनलाल ने 1977-78 में स्टेट लेवल चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया था। उन्होंने कुश्ती को गंभीरता से लिया था। रेसलिंग फेडरेशन की उन पर नजर गई थी और उन्होंन फिर नई दिल्ली में हुई चैंपियनशिप में केरल का प्रतिनिधित्व किया था। हालांकि, इसी दौरान उनको फिल्मों से ऑफर मिले और वह पर्दे की दुनिया पर राज करने आ गए और कुश्ती को अलविदा कह दिया।

पूर्व आईपीएस अधिकारी केएम एंटनी के हवाले से 21 मई 2025 को इकॉनोमिक टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि वह और मोहनलाल साथ में कुश्ती खेला करते थे। एंटनी ने बताया कि साल 1980 में वह केरल यूनिवर्सिटी की रेसलिंग टीम के कप्तान थे। उस समय इंटर-यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप का आयोजन बनारस में किया गया था। उन्होंने बताया कि उस समय मोहन लाल तिरुवनंतपुरम के एमजी कॉलेज में कॉमर्स की पढ़ाई कर रहे थे और वह भी टूर्नामेंट खेलने आए थे।

एंटनी ने बताया था, “हम एक ही भारवर्ग में थे। हमारा मुकाबला हुआ था और मैंने मोहनलाल को 36 सेकंड में पिन कर दिया था।” इसके बाद दोनों कन्नूर में आमने-सामने हुए थे और अगली बार मोहनलाल ने उनसे पूछा था कि उन्हें किस भारवर्ग में जाना चाहिए जो उनके लिए बेहतर होगा तो एंटनी ने कहा था कि उन्हें और ऊंचे भारवर्ग में जाना चाहिए। इसका मोहनलाल को फायदा भी हुआ था और वह ज्यादा भारवर्ग में जीतने पहला स्थान हासिल करने में सफल रहे थे।

फिल्मों का हैं बड़ा नाम
मोहनलाल कुश्ती में आगे बढ़ रहे थे, लेकिन फिल्मों के ऑफर मिलने के बाद उनका मन अलग राह पर चल पड़ा। उन्हें पर्दे की दुनिया भाने लगी। मोहन लाल ने 18 साल की उम्र में थीरानोट्टम नाम की फिल्म में अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उनका काम रुका नहीं। आज वह कुल 400 से ज्यादा फिल्में कर चुके हैं इनमें मलयालम के अलावा तमिल, तेलुगू और कुछ हिंदी फिल्में भी शामिल हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *