मीरजापुर में मुआवजे की दरों पर भवन स्वामियों ने उठाए सवाल, व्यावसायिक सर्किल रेट से भुगतान की मांग
जागरण संवाददाता, चुनार (मीरजापुर)। एनएच-7 फोरलेन से टेकौर होते हुए चुनार तहसील एवं ब्लॉक मुख्यालय तक जाने वाले मार्ग के चौड़ीकरण से प्रभावित भवन स्वामियों की क्षतिपूर्ति दरों के निर्धारण को लेकर सोमवार को तहसील सभागार में बैठक हुई। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विनोद कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रभावित भवन स्वामियों ने मुआवजे की गणना में सामान्य दर अपनाए जाने पर आपत्ति जताई।
प्रभावितों ने कहा कि आवासीय परिसर में दुकान संचालित होने पर भी रजिस्ट्री के समय संबंधित भूमि का सर्किल रेट व्यावसायिक श्रेणी के अनुसार लिया जाता है, जबकि मुआवजे की गणना सामान्य दर से की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पंजीकरण के समय व्यावसायिक दर लागू होती है तो क्षतिपूर्ति देते समय सामान्य दर क्यों अपनाई जा रही है। इस पर अपर जिलाधिकारी ने कहा कि प्रकरण उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाकर इसका निवारण कराया जाएगा।
बैठक में राजस्व विभाग की रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई। रिपोर्ट के अनुसार प्रभावित क्षेत्र के अधिकतर मकान नजूल भूमि पर बने पाए गए हैं। ऐसे में संबंधित गृहस्वामियों से भवन पर अपना मालिकाना हक सिद्ध करने वाले अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा गया। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि मुआवजे से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए प्रभावित भवन स्वामी तहसीलदार से मिलकर अपनी बात रख सकते हैं। बैठक में एसडीएम अनेग सिंह, तहसीलदार इवेंद्र कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता अमरनाथ, उप निबंधक दीपक जायसवाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

