भाजपा की पदयात्रा के चलते रविवार को मरीजों को नागरिक अस्पताल तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस की ओर से जगह-जगह रास्ते बंद किए गए थे। कई जगह एंबुलेंस तक को नहीं निकलने दिया गया तो रास्ते बदल कर मरीजों को नागरिक अस्पताल पहुंचा गया। ऐसे में 15 मिनट का सफर डेढ़ घंटे में तय हुआ।
मरीज को एम्स रेफर कर दिया गया
एंबुलेंस ड्राइवर को चिमनी बाई धर्मशाला चौक की तरफ मुड़ना पड़ा। फिर नागरिक अस्पताल आए। सांस की तकलीफ से परेशान गाजीपुर निवासी शमशाद को स्वजन नागरिक अस्पताल लेकर आए थे। डाॅक्टर ने स्थिति देख कर मरीज को देख कर थोड़ी देर बाद ही रेफर कर दिया। शमशाद के बेटे समद खान ने बताया कि अगर रास्ते बंद नहीं होते तो 15 मिनट का सफर तय करने में डेढ़ घंटा नहीं लगता। नागरिक अस्पताल आए तो उनके पिता को एम्स रेफर कर दिया गया।
15 मिनट की बजाय पौने घंटे लगे
एक अन्य मामले में भीकम कालोनी, बल्लभगढ़ निवासी वेद प्रकाश अपनी बहन शशि को स्ट्रोक होने पर नागरिक अस्पताल लाए थे। उनकी एंबुलेंस भी 15 मिनट की बजाय पौने घंटे में नागरिक अस्पताल पहुंची। यहां से शशि को एम्स रेफर कर दिया गया। रेफर के झंझट ने मरीजों का दर्द बढ़ाया।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

