बिहार के सरकारी स्कूलों में जींस टीशर्ट बैन, फॉर्मल ड्रेस में आएंगे शिक्षक और कर्मी
स्कूल सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि अनुशासन और संस्कार की पाठशाला भी हैं। ऐसे में शिक्षकों के पहनावे से लेकर विद्यालय परिसर की गतिविधियों तक में मर्यादा बनाए रखना बेहद जरूरी है।
इसी उद्देश्य के तहत शिक्षा विभाग ने शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों के जींस-टीशर्ट जैसे अनौपचारिक परिधान पहनकर स्कूल आने पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
औपचारिक परिधान अनिवार्य
अब शिक्षण और कार्यालय अवधि में सभी कर्मियों को गरिमापूर्ण औपचारिक परिधान में ही विद्यालय आना होगा। सीतामढ़ी में जिला शिक्षा पदाधिकारी राघवेन्द्र मणि त्रिपाठी ने जिले के सभी विद्यालयों को इस निर्देश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
अशालीन गतिविधियों पर रोक
विभाग ने विद्यालय परिसर में डीजे-डिस्को, अशालीन नृत्य और अन्य अनुचित गतिविधियों के आयोजन पर भी कड़ी आपत्ति जताई है।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इस तरह की गतिविधियां शैक्षणिक माहौल को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती हैं। केवल विशेष अवसरों पर ही शालीनता से कार्यक्रम हो सकेंगे।
अधिकारियों को जिम्मेदारी
जिला स्तर पर यह आदेश सभी प्रधानाध्यापकों, प्रभारी प्रधानाध्यापकों और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को भेज दिया गया है। विद्यालयों में इस निर्देश का शत-प्रतिशत पालन कराने और शैक्षणिक वातावरण की गरिमा बनाए रखने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

