दावा-टाइगर श्रॉफ नहीं, आमिर खान थे शूटरों का असली निशाना:मुंबई में 3 बार की थी बंगले की रेकी; आमिर बाहर नहीं निकले तो टारगेट बदला

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मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुए हमले की जांच कर रही पुलिस को बड़ा सुराग मिला है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस सूत्रों ने खुलासा किया है कि 20 सितंबर को हरियाणा से मुंबई आए शूटरों का असली निशाना आमिर खान थे।

लॉरेंस गैंग के इशारे पर मुंबई पहुंचे शूटरों ने आमिर खान के घर की तीन बार रेकी की थी, लेकिन शूटिंग और सुरक्षा के चलते आमिर तक पहुंचना मुश्किल था।

इसके बाद शूटरों ने आसानी से मिल जाने के कारण टाइगर श्रॉफ को अपना निशाना बना लिया। टाइगर अक्सर जुहू के पार्क में फुटबॉल खेलने आते थे।

जुलाई में लॉरेंस गैंग ने दी थी आमिर खान को धमकी

पुलिस सूत्रों के अनुसार लॉरेंस गैंग ने जुलाई में सोशल मीडिया पोस्ट और ऑडियो क्लिप के जरिए आमिर खान को धमकी दी थी।

धमकी में आमिर और गौरी स्प्रैट की शादी को सनातन धर्म के खिलाफ बताया गया था और जल्द सबक सिखाने की बात कही गई थी।

सलमान खान की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण उन तक पहुंचना नामुमकिन था, इसलिए गैंग ने आमिर खान को अपना मेन टारगेट बनाया था

आमिर की 3 बार रेकी की, लेकिन एक्टर नहीं दिखे

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 20 सितंबर को मुंबई पहुंचे शूटरों ने बांद्रा स्थित आमिर खान के घर के आसपास तीन बार रेकी की थी। हालांकि, आमिर खान ज्यादातर समय फिल्मों की शूटिंग के सिलसिले में बाहर रहते थे या कई दिनों तक घर से बाहर नहीं निकलते थे।

अक्टूबर के पहले हफ्ते में जब हमलावरों को आमिर पर अटैक करना संभव नहीं लगा तो उन्होंने अंधेरी में टाइगर श्रॉफ पर नजर रखनी शुरू कर दी।

कैब किराए पर लेकर सेलेब्स के घरों की रेकी

जांच में सामने आया है कि शूटरों ने अभिनेताओं के घरों का ठिकाना देखने के लिए 3,000 रुपए में एक कैब किराए पर ली थी। उन्होंने बांद्रा और अंधेरी में कई सितारों के घरों के चक्कर लगाए।

शूटरों ने अंधेरी में तीन बार अपने होटल बदले और 14 से 18 अक्टूबर तक ‘आर आर रेजीडेंसी’ होटल में ठहरे। 18 अक्टूबर की शाम जब टाइगर श्रॉफ जुहू के पुष्पा नरसी पार्क में फुटबॉल खेलकर लौट रहे थे, तब हमलावरों ने उनकी कार पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।

आसानी से मिलने की वजह से टाइगर बने निशाना

पुलिस सूत्रों का कहना है कि बांद्रा में आमिर खान और टाइगर श्रॉफ के घर कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर हैं। रेकी के दौरान शूटरों ने देखा कि टाइगर श्रॉफ अक्सर बिना किसी भारी सुरक्षा के बाहर निकलते हैं और रविवार को जुहू पार्क में फुटबॉल खेलने पहुंचते हैं। यही वजह है कि शूटरों ने आमिर खान का प्लान छोड़कर आसान टारगेट के रूप में टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने का फैसला किया।

18 अक्टूबर को जुहू में हुई थी टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग

18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर फुटबॉल ग्राउंड के बाहर निकलते हुए फायरिंग हो गई। दो हमलावरों ने 5-7 राउंड फायरिंग की। टाइगर जख्मी हुए, जबकि उनके ड्राइवर को गोली लगी। ड्राइवर के जख्मी होने पर टाइगर श्रॉफ ड्राइविंग सीट पर आए और सीधे अस्पताल पहुंचे।

राजस्थान, यूपी, हरियाणा और एमपी से पकड़े गए 11 संदिग्ध

मामले की जांच में जुटी मुंबई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्यप्रदेश से अब तक 11 संदिग्धों को पकड़ा है। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर मामले की आगे की कड़ी जोड़ रही है।

हाल ही में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मध्य प्रदेश के इंदौर से 22 वर्षीय प्रांजल ठकराल को गिरफ्तार किया है। वह इस मामले में पकड़ा जाने वाला 11वां आरोपी है। पुलिस जांच के मुताबिक, प्रांजल ने अमेरिका में मौजूद लॉरेंस गैंग के संदिग्ध मास्टरमाइंड अनिल पंडित के इशारे पर इस हमले की योजना को अंजाम दिया था।

उसने ही शूटरों को फंड, लॉजिस्टिक्स और दूसरा पिस्टल मुहैया कराया था। इसी साल मार्च में पानीपत के एक व्यापारी पर हमले के आरोप में जमानत पर रिहा होने के तुरंत बाद से ही वह अनिल पंडित के साथ मिलकर मुंबई के जुहू में टाइगर पर हमले की साजिश में जुट गया था। उसे 31 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।

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