मोक्षधाम गयाजी में इस वर्ष पितृपक्ष मेले के दौरान रिकॉर्ड श्रद्धालु पहुंचे हैं। पर्यटन विभाग के अनुसार, अब तक 37 लाख 50 हजार 200 तीर्थयात्री, श्रद्धालु और पिंडदानी गया पहुंचकर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और तर्पण कर चुके हैं।
वर्ष 2023 में यह संख्या बढ़कर 29 लाख 89 हजार हो गई, जिसमें करीब 82 हजार विदेशी पर्यटक शामिल रहे। वर्ष 2024 में कुल 30 लाख 59 हजार पर्यटक गयाजी पहुंचे, जिनमें एक लाख 55 हजार विदेशी थे। पिछले साल 2025 में कुल 34 लाख 79 हजार पर्यटक गयाजी पहुंचे थे, जिनमें 1807 विदेशी पर्यटक शामिल थे।
एआइ से भाषा अनुवाद, पितृवाटिका में लगे 482 पौधे
भाषा की बाधा दूर करने के लिए इस वर्ष एआइ आधारित भाषा अनुवाद सुविधा भी श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी साबित हुई है। अब तक 84 हजार 756 तीर्थयात्री इस सुविधा का लाभ ले चुके हैं।
खासकर अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले विदेशी श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधा संवाद और जानकारी प्राप्त करने में मददगार बनी है।
वहीं, पितृपक्ष मेले को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए ‘एक पेड़ पूर्वजों के नाम’ पहल के तहत पितृवाटिका में अब तक 482 पौधे लगाए गए हैं। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने की सुविधा के लिए बनाए गए टेंट सिटी में अब तक 11 हजार 378 लोगों को ठहराया गया।
मेले में भीड़ के बीच बच्चों और बुजुर्गों के बिछड़ने की आशंका को देखते हुए 10 हजार 619 रिस्ट बैंड वितरित किए गए। मेले से संबंधित समस्याओं और शिकायतों के लिए स्थापित कंट्रोल रूम में अब तक 1857 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिन पर आवश्यक कार्रवाई की गई।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

