Raebareli News: महिला अस्पताल के गेट पर प्रसव मामले में जांच तेज, चार नर्सें लेबर रूम से हटाईं
रायबरेली के जिला महिला अस्पताल में प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला के अस्पताल के गेट के पास बच्चे को जन्म देने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच के बाद प्रथम दृष्टया लेबर रूम के स्टाफ की लापरवाही सामने आने पर चार स्टाफ नर्सों को वहां से हटाकर दूसरी ड्यूटी पर तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएमओ ने अस्पताल पहुंचकर की जांच
जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रभारी सीएमओ डॉ. मनोज शुक्ला सोमवार को जिला महिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल प्रशासन, लेबर रूम के कर्मचारियों और प्रसूता के साथ मौजूद परिजन से घटना की जानकारी ली। इसके बाद लेबर रूम में तैनात स्टाफ की भूमिका की भी जांच की गई।
जांच के दौरान सामने आया कि प्रसव पीड़ा के दौरान महिला दो बार लेबर रूम से नीचे गई थी और दोनों बार अस्पताल का स्टाफ उसे वापस लेकर आया। तीसरी बार वह अस्पताल से बाहर चली गई, जहां गेट के पास उसका प्रसव हो गया। इसके बाद जच्चा और नवजात को अस्पताल में भर्ती कर उनकी देखभाल शुरू की गई।
चार नर्सों को लेबर रूम से हटाया
जांच के बाद चार नर्सों—दो नियमित और दो संविदा स्टाफ नर्सों—को लेबर रूम से हटाकर वार्ड ड्यूटी में लगाने के निर्देश दिए गए। अमर उजाला की रिपोर्ट में हटाई गई नर्सों के नाम निंकी देवी, साधना यादव, बबली निर्मल और रेखा बताए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ आगे की विभागीय कार्रवाई के लिए मामला जिला स्वास्थ्य समिति के समक्ष रखने के निर्देश भी दिए हैं। लेबर रूम में उनके स्थान पर दूसरे स्टाफ की ड्यूटी लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
रुपये मांगने के आरोप पर भी हुई पूछताछ
घटना के बाद परिजनों की ओर से प्रसव के नाम पर रुपये मांगने का आरोप भी लगाया गया था। हालांकि, जांच के दौरान महिला की ओर से बाद में रुपये मांगने की बात को गुस्से में कही गई बात बताया गया। सीएमओ के अनुसार, मामले में पैसे लेने के आरोप की पुष्टि नहीं हुई है।
जच्चा और नवजात की देखभाल जारी
सीएमओ ने अस्पताल में भर्ती जच्चा और नवजात का हालचाल भी लिया। अधिकारियों के मुताबिक दोनों की अस्पताल में देखभाल की जा रही है। अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि प्रसूताओं और मरीजों को भर्ती से लेकर उपचार तक किसी तरह की परेशानी न हो और ऐसी घटना दोबारा न हो।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

