सीएम हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने योगदा आश्रम में लगाई हाजिरी, जानिए क्यों खास है रांची का यह ऐतिहासिक स्थल

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रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधायक कल्पना सोरेन के साथ रांची के चुटिया स्थित ऐतिहासिक योगदा सत्संग आश्रम का दौरा किया। इस दौरान दोनों ने आश्रम के वरिष्ठ संतों स्वामी ईश्वरानंदजी और स्वामी निर्मलानंदजी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने आश्रम की आध्यात्मिक गतिविधियों और यहां से जुड़ी ऐतिहासिक विरासत के बारे में जानकारी ली।

दौरे के दौरान हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने परमहंस योगानंद के कक्ष, फोटो एवं पुस्तक गैलरी का भी अवलोकन किया। गैलरी में योगानंद और उनके प्रमुख शिष्यों से संबंधित पुस्तकें, तस्वीरें, प्रकाशित सामग्री और उनके उपयोग में रही कुछ वस्तुएं संरक्षित हैं। इसके अलावा उन्होंने लीची वेदी, स्मृति मंदिर, ध्यान मंदिर और ध्यान उद्यान का भी भ्रमण किया।

क्यों खास है रांची का योगदा आश्रम?

रांची का योगदा सत्संग आश्रम परमहंस योगानंद की आध्यात्मिक यात्रा से गहराई से जुड़ा हुआ है। योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया की शुरुआत 1917 में हुई थी और 1918 में योगानंद ने रांची में आश्रम तथा बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय की स्थापना की। यही स्थान आगे चलकर क्रिया योग और आध्यात्मिक शिक्षा के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हुआ।

योगानंद 1918 से 1920 के बीच रांची में रहे थे। आश्रम में उनका वह कमरा आज भी संरक्षित है, जिसमें उनके रहने के दौरान इस्तेमाल की गई वस्तुएं और अन्य स्मृतियां रखी गई हैं। इस कमरे को श्रद्धालुओं के लिए ध्यान के स्थल के रूप में भी संरक्षित किया गया है।

स्मृति मंदिर भी है प्रमुख आकर्षण

आश्रम का स्मृति मंदिर भी विशेष महत्व रखता है। योगदा सत्संग सोसाइटी के अनुसार, यह उस स्थान पर बनाया गया है जहां 1920 में योगानंद को एक आध्यात्मिक अनुभव हुआ था, जिसे उन्होंने बाद में पश्चिम में अपनी आध्यात्मिक यात्रा से जोड़ा। वर्तमान संगमरमर का स्मृति मंदिर 1995 में समर्पित किया गया था।

आज योगदा आश्रम में ध्यान, सत्संग और आध्यात्मिक गतिविधियां संचालित होती हैं। झारखंड पर्यटन विभाग भी इसे परमहंस योगानंद के जीवन और क्रिया योग की परंपरा से जुड़े महत्वपूर्ण आध्यात्मिक स्थलों में गिनता है।

हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन का यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि इसमें रांची की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत से जुड़े इस प्रमुख केंद्र का अवलोकन किया गया।

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