अवधी की मिठास और ब्रज का अंदाज, उत्तर प्रदेश की इन लोक भाषाओं में बसती है वहां की असली संस्कृति

1830 Shares

किसी भी जगह की भाषा वहां की संस्कृति और इतिहास की झलक पेश करती है। उत्तर प्रदेश भारत की सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य है, जो अपनी संस्कृति और इतिहास के लिए जाना जाता है। आमतौर पर मानते हैं कि यहां हिंदी ही बोली जाती है, लेकिन हिंदी यहां की सिर्फ आधिकारिक भाषा है।

उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग बोलियां बोली जाती हैं, जो उस क्षेत्र की लोक संस्कृति का अहम हिस्सा हैं। आइए जानें उत्तर प्रदेश में कौन-कौन सी भाषाएं बोली जाती हैं।

अवधी

उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र में अवधी बोली जाती है। इस बोली की अपनी मिठास है और इसका इतिहास भी काफी पुराना है। गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस भी अवधी बोली में लिखा था, जिसने इसे आम जनता तक पहुंचाया। इस बोली के कई गाने बॉलीवुड में भी काफी सुपरहिट हुए, जैसे होरी खेले रघुबीरा।

अयोध्या, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, प्रतापगढ़, रायबरेली, फतेहपुर, कौशांबी, अमेठी और हरदोई जैसे क्षेत्रों में अवधी ही आम जनता ही बोलचाल का जरिया है।

भोजपुरी

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में भोजपुरी बोली जाती है। बनारस, गोरखपुर, मऊ, बलिया, चंदौली, मिर्जापुर, कुशीनगर, देवरिया, बस्ती, आजमगढ़, जौनपुर और सोनभद्र जैसे क्षेत्रों में भोजपुरी लोगों की बोलचाल की भाषा है। भोजपुरी बिहार में भी बोली जाती है और ये सिर्फ इन राज्यों तक सीमित नहीं है। त्रिनिदाद और टोबागो जैसे देशों में भी भोजपुरी का प्रभाव देखने को मिलता है।

ब्रज भाषा

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ब्रज भाषा का बोलबाला है। ये भाषा अपनी मधुरता के लिए जानी जाती है। मथुरा, आगरा, हाथरस, अलीगढ़, कासगंज, एटा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में ब्रज भाषा ही लोक बोलचाल की भाषा है। कृष्ण भक्ति में लिखी गई कई कविताएं भी ब्रज भाषा में ही लिखी गई है, जो इस भाषा को साहित्य के लिए भी अहम बनाती है।

खड़ी बोली

दिल्ली और हरियाणा से सटे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खड़ी बोली का इस्तेमाल होता है। ये हिंदी का ही एक रूप है। बिजनौर, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, बागपत, सहारनपुर और बुलंदशहर में खड़ी बोली बोली जाती है।

बुंदेली

उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके में बुंदेली बोली जाती है। इसकी शैली काफी कड़क होती है। झांसी, ललितपुर, जालौन, चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर और महोबा में बुंदेली बोली जाती है।

कन्नौजी

उत्तर प्रदेश के कन्नौज क्षेत्र में कन्नौजी बोली जाती है। ये बोली अवधी और ब्रज से मिलती जुलती लगती है। कन्नौज, फर्रुखाबाद और औरैया के इलाकों में ये बोली लोक बोलचाल का जरिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *