‘हाथों में तलवारें, दुकानों में लूटपाट’… LPU की 3 छात्राओं के वायरल वीडियो पर बढ़ा सस्पेंस, पुलिस खंगाल रही सच
पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हिंसक प्रदर्शन के बाद सामने आ रहे वीडियो और सोशल मीडिया दावों ने मामले को और पेचीदा बना दिया है। तीन छात्राओं का एक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटनाक्रम के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे दावों में कितनी सच्चाई है।
वायरल वीडियो में तीन छात्राएं घटनाक्रम को लेकर अपनी बात रखती दिखाई दे रही हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, छात्राओं ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय की ओर से जारी एक वीडियो को काट-छांटकर प्रसारित किया गया और उनकी सहमति नहीं ली गई। विश्वविद्यालय ने इसके विपरीत कहा है कि वीडियो छात्रों की सहमति से जारी किया गया था।
वायरल दावों और पुलिस जांच पर नजर
LPU में विरोध प्रदर्शन की शुरुआत सोशल मीडिया पर प्रसारित एक ऐसे संदेश से हुई थी, जिसमें छात्रावास में एक छात्रा के साथ कथित घटना के गंभीर दावे किए गए थे। पुलिस और विश्वविद्यालय की ओर से अब तक इन दावों की पुष्टि के लिए पर्याप्त सबूत सामने नहीं आने की बात कही गई है। पुलिस इस पूरे मामले में वायरल संदेशों और उनके प्रसार के स्रोत की भी जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, घटना से पहले प्रसारित वीडियो और संदेशों की भी जांच की जा रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, साइबर टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संबंधित सामग्री सबसे पहले किसने प्रसारित की थी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के जरिए उन लोगों की पहचान भी कर रही है, जो प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर उपद्रव में शामिल थे।
दुकानों में तोड़फोड़ और सामान ले जाने के वीडियो भी सामने आए
हिंसा के दौरान LPU परिसर की दुकानों में तोड़फोड़ और सामान ले जाने के कई वीडियो सामने आए हैं। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, CCTV फुटेज में कुछ नकाबपोश लोग रॉड के साथ दुकानों में घुसते और तोड़फोड़ करते दिखाई देते हैं। पुलिस इन फुटेज को अपनी जांच का हिस्सा बना रही है।
वहीं, टाइम्स ऑफ इंडिया ने भी ऐसे वीडियो का उल्लेख किया है जिनमें कुछ लोग विश्वविद्यालय के मॉल की दुकानों से सामान उठाते दिखाई देते हैं। हालांकि, इन वीडियो में दिखाई देने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान और भूमिका की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस तैयार कर रही घटनाक्रम की कड़ी
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय के मुख्य गेट से कौन-कौन लोग अंदर और बाहर गए। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या बाहरी लोग भीड़ में शामिल हुए थे और क्या उन्होंने हिंसा या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में भूमिका निभाई।
पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के लिए CCTV फुटेज, सोशल मीडिया सामग्री और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। फिलहाल वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर किए जा रहे सभी दावों को सही मानना जल्दबाजी होगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

