फेयरफोर्ड एयरबेस साजिश में विदेशी कनेक्शन की जांच, पांच संदिग्ध जमानत पर रिहा
ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड एयरबेस के पास संदिग्ध गतिविधियों के मामले में गिरफ्तार किए गए पांच लोगों को पुलिस ने जमानत पर रिहा कर दिया है। हालांकि, जांच अभी खत्म नहीं हुई है और सभी पांचों संदिग्ध जांच के दायरे में बने हुए हैं। ब्रिटिश काउंटर टेररिज्म पुलिस विदेशी देश या उसके प्रतिनिधियों की संभावित भूमिका समेत कई पहलुओं की जांच कर रही है।
तीन वैन और संदिग्ध गतिविधि के बाद शुरू हुई कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक 27 सितंबर की रात फेयरफोर्ड एयरबेस के पास तीन वाहनों की संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली थी। एक स्थानीय किसान ने इलाके में कई लोगों और वाहनों को देखने के बाद पुलिस को सूचना दी। इसके बाद वेलफोर्ड इलाके में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने उन्हें पहले Explosives Act के तहत अपराधों के संदेह और बाद में आतंकवादी कृत्य की तैयारी के संदेह में हिरासत में लिया था।
विदेशी देश की भूमिका की भी जांच
ब्रिटेन के काउंटर टेररिज्म प्रमुख लॉरेंस टेलर ने कहा कि जांचकर्ता मामले को हर संभावित कोण से देख रहे हैं। इनमें यह संभावना भी शामिल है कि कोई व्यक्ति किसी विदेशी देश की ओर से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से काम कर रहा हो।
हालांकि, ब्रिटिश अधिकारियों ने अभी तक किसी विदेशी सरकार को इस घटना के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है। रिपोर्टों के मुताबिक जांच में ईरान, रूस और गैर-राज्य समूहों से जुड़े संभावित पहलुओं को भी देखा जा रहा है। ईरान ने मामले में किसी भी भूमिका से इनकार किया है।
पांचों संदिग्ध ब्रिटिश नागरिक
गिरफ्तार किए गए पांचों लोग ब्रिटिश नागरिक हैं और लंदन में रहते हैं। उनकी उम्र 23 से 25 वर्ष के बीच बताई गई है। पुलिस ने पूछताछ और अन्य जांच के बाद उन्हें सख्त शर्तों वाली पुलिस जमानत पर रिहा किया है।
काउंटर टेररिज्म पुलिस ने साफ किया है कि जमानत पर रिहाई का मतलब यह नहीं है कि जांच समाप्त हो गई। संदिग्धों की गतिविधियों और संपर्कों पर शर्तें लागू रहेंगी और जांच एजेंसियां मामले से जुड़े अन्य सुरागों की पड़ताल कर रही हैं।
फेयरफोर्ड एयरबेस क्यों महत्वपूर्ण है?
RAF फेयरफोर्ड ब्रिटेन में अमेरिकी वायुसेना के लिए महत्वपूर्ण ठिकानों में से एक है और यहां अमेरिकी भारी बमवर्षक विमानों का संचालन होता रहा है। हालिया ईरान संघर्ष के दौरान भी इस एयरबेस का इस्तेमाल अमेरिकी अभियानों के लिए किया गया है। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियां इस घटना को गंभीरता से ले रही हैं।
फिलहाल जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि संदिग्धों की गतिविधि का वास्तविक उद्देश्य क्या था और क्या इसके पीछे किसी विदेशी संगठन या सरकार का कोई संबंध था। इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

