अलीगढ़ में बारिश और तेज हवाओं से प्रभावित फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए राजस्व विभाग की टीमें गांव-गांव सर्वे कर रही हैं। मंगलवार सुबह भी लेखपाल प्रभावित खेतों में पहुंचे और फसल क्षति का जायजा लिया। जिला प्रशासन के निर्देश पर सभी तहसीलों में सर्वे का काम जारी है।
सर्वे के दौरान किसानों से प्रभावित फसल, बोए गए क्षेत्रफल और नुकसान की स्थिति से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी पात्र किसान सर्वे से छूट न जाए। सर्वे प्रक्रिया में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और किसानों का भी सहयोग लिया जा रहा है।
धान और बाजरा की फसल को नुकसान
हाल की बारिश और तेज हवाओं के कारण अलीगढ़ के कई क्षेत्रों में खेतों में खड़ी धान और बाजरा की फसल प्रभावित हुई है। कुछ स्थानों पर खेतों में पानी भरने से कटी हुई फसल भीग गई, जबकि तेज हवा से खड़ी फसल के गिरने की जानकारी सामने आई है।
खैर क्षेत्र में भी बारिश से किसानों की परेशानी बढ़ी है। मंडी में पहुंचा धान भीगने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने और खरीद को लेकर किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सर्वे के बाद राहत पोर्टल पर दर्ज होगा विवरण
राजस्व विभाग की ओर से फसल क्षति का सर्वे पूरा होने के बाद पात्र किसानों का विवरण राहत पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, किसानों को शासन द्वारा निर्धारित एसडीआरएफ मानकों के तहत कृषि निवेश अनुदान दिए जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को सर्वे की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। यदि किसी प्रभावित खेत का सर्वे नहीं हो पाता है तो किसान संबंधित लेखपाल या तहसील प्रशासन को इसकी सूचना दे सकते हैं।
प्रशासन की स्थिति पर नजर
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व प्रमोद कुमार के अनुसार, जिले में बारिश के बाद स्थिति सामान्य है, हालांकि कुछ स्थानों पर फसलों को आंशिक नुकसान हुआ है। नुकसान का वास्तविक आकलन करने के लिए राजस्व टीमें सक्रिय हैं और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

