पुश्तैनी जमीन के विक्रय के बाद दाखिल-खारिज कराने के लिए रिपोर्ट लगाने के नाम पर एक लाख रुपये रिश्वत मांगने के मामले में भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) की वाराणसी इकाई ने लेखपाल के निजी मुंशी को मंगलवार को यूपी कालेज के पास से रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
उन्होंने बताया कि उनके पिता ओमप्रकाश सिंह ने पुश्तैनी जमीन के विक्रय से संबंधित दाखिल-खारिज के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि क्षेत्रीय लेखपाल कुंदन सिंह ने रिपोर्ट लगाने के एवज में एक लाख रुपये की मांग की। शिकायत के बाद 22 सितंबर को कमलकांत की लेखपाल से फोन पर बातचीत हुई। आरोप है कि लेखपाल ने बताया कि उसने अपने निजी मुंशी अशोक को उनका मोबाइल नंबर दे दिया है और वह उससे मिलने आएगा।
इसके बाद अशोक ने फोन कर शिकायतकर्ता को यूपी कालेज गेट के अंदर इंडियन बैंक के पास बुलाया। वहां अशोक को एक लाख रुपये रिश्वत दी। इसी दौरान पहले से मौजूद एंटी करप्शन की टीम ने दोपहर करीब 1:41 बजे अशोक को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से रिश्वत की रकम बरामद की गई।पूछताछ में अशोक ने बताया कि लेखपाल ने उसे पूरा प्रकरण समझाकर रिश्वत लेने के लिए भेजा था।
उसके मोबाइल फोन में लेखपाल कुंदन सिंह से रिश्वत के लेनदेन से संबंधित बातचीत की रिकार्डिंग भी मिली है। इसके बाद टीम ने लेखपाल की तलाश तहसील सदर सहित अन्य संभावित स्थानों पर की, लेकिन वह नहीं मिला। गिरफ्तार अशोक कुमार पुत्र मोहन लाल, डीएलडब्ल्यू रोड शिवदासपुर, थाना मंडुवाडीह का निवासी है। वहीं कुंदन सिंह वर्तमान में सीरगोवर्धनपुर क्षेत्र में हल्का लेखपाल के पद पर तैनात है। दोनों के खिलाफ कैंट थाने में विधिक कार्रवाई की जा रही है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

