जिन हाथों से उसने बेटे को दुलारा था, खाना खिलाया था, उसी से अपने लाडले बेटे को मौत के घाट उतार दिया। शराब के नशे में धुत ट्रक ड्राइवर रघुनंदन ने हाईस्कूल के छात्र 18 वर्षीय बेटे अभिषेक द्विवेदी के हाथ से मोबाइल छीन लिया।
नशे में होने के कारण वह घटना के संबंध में कुछ बोल नहीं पा रहा है। करछना थाना क्षेत्र के कैथी गांव निवासी रघुनंदन ट्रक ड्राइवर है। उसके तीन बेटे में सबसे बड़ा अभिषेक अपने दादा कृष्ण अवतार द्विवेदी के साथ रहता था। वह निजी स्कूल में 10वीं का छात्र था और जिम भी करता था।
डंबल से सीने पर किए कई वार
बताया गया है कि दो दिन पहले अभिषेक का पड़ोस के एक लड़के से विवाद हुआ था। इसकी जानकारी होने पर रघुनंदन द्विवेदी मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे अपने घर पहुंचा। मकान में पत्नी किरन, दो बच्चे और दादा थे। आरोप है कि रघुनंदन ने बेटे अभिषेक से विवाद के बारे में पूछा तो कुछ नहीं बोला। वह मोबाइल में व्यस्त था।
घायल होने पर वह मौके से भाग निकला। यह देख घरवाले हतप्रभ रह गए। आनन-फानन जख्मी अभिषेक को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इससे मां किरन समेत अन्य लोग बिलख पड़े। उधर, हत्याकांड से गांव दहशत के साथ ही लोग पिता-पुत्र का रिश्ता कलंकित होने की बात कहते रहे।
मोबाइल छीनने पर पिता-पुत्र में झगड़ा हुआ। इसके बाद नशे की हालत में पिता ने बेटे पर चाकू, डंबल से हमला करके हत्या की। तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर आरोपित को पकड़ लिया गया है। नशे में होने के कारण वह कुछ बता नहीं पा रहा है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

