सड़कों पर आपने मील के पत्थर देखे होंगे, लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि इन पत्थरों का ऊपर वाला हिस्सा अलग-अलग रंगों का होता है? ऐसे में सवाल आता है कि ये रंग कोई डिजाइन है या इनका कोई छिपा हुआ मतलब भी है?
नारंगी रंग- ग्रामीण सड़कें
अगर मील के पत्थर के ऊपरी हिस्से पर नारंगी रंग की पट्टी बनी है, तो मतलब आप किसी ग्रामीण सड़क पर हैं। ये सड़के गांव को मुख्य राजमार्गों और नजदीकी शहरों से जोड़ने का काम करती है। ये नारंगी रंग बताता है कि ये सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनवाई गई है
काला या नीला रंग- जिला
मील के पत्थर पर काला रंग बतात है कि आप किसी जिले की मुख्य सड़क पर हैं। ये इस बात का संकेत है कि आप किसी बड़े शहर की ओर बढ़ रहे हैं। इन सड़कों की देख-रेख की जिम्मेदारी जिला प्रशासन या नगर निगम की होती है।
हरा रंग- स्टेट हाईवे
मील के पत्थर पर हरे रंग की पट्टी का मतलब है कि आप राज्य राजमार्ग यानी स्टटे हाईवे पर हैं। ये सड़के राज्य के अलग-अलग जिलों, मुख्य शहरों और व्यापारिक केंद्रों को आपस में जोड़ती हैं। इनकी रखरखाव राज्य सरकार का लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी करता है।
पीला रंग- नेशनल हाईवे
सड़क किनारे लगे मील के पत्थर का ऊपरी हिस्सा पीले रंग है, तो यानी आप राष्ट्रीय राजमार्ग यानी नेशनल हाईवे पर सफर कर रहे हैं। ये देश की सबसे लंबी सड़के होती हैं, जो एक राज्य को दूसरे राज्य से जोड़ती हैं। इनके निर्माण और देखभाल की जिम्मेदारी केंद्र सरकार और NHAI (National Highway Authority of India) की होती है।
मील के पत्थरों के ऊपरी हिस्से के ये रंग देश के रोड नेटवर्क को आसानी से समझने में मदद करती है और इन रंगों के जरिए आप बिना इंटरनेट के भी जान सकते हैं कि आप कौन-सी सड़क पर जा रहे हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

