Mathura News: प्रदेश कैबिनेट में मंगलवार को मंजूरी के बाद अब चीनी मिल चालू होने की उम्मीद जाग गई है। चीनी मिल के चालू होने से किसानों की आर्थिक स्थिति समृद्ध होगी, वहीं क्षेत्रीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इससे किसानों के चेहरे पर अब मुस्कान सी दिखाई दे रही है। उधर, 33 दिनों से चीनी मिल शुरू कराने को धरना दे रहे लोगों ने साफ कहा कि उन्हें एथेनाल प्लांट नहीं चाहिए, चीनी मिल चाहिए।
1978 में छाता में चीनी मिल चालू हुई थी। वर्ष 2008 में बसपा सरकार ने पेराई सत्र पर रोक लगा दी, इसके बाद फिर चीनी मिल कभी चालू नहीं हो सकी। समय के साथ मशीनें कंडम हो गईं। वर्ष 2022 में गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने इस ओर प्रयास किए।
एथेनाल प्लांट को मंजूरी
मंगलवार को सरकार ने एथेनाल प्लांट को मंजूरी कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी। पहले एथेनाल प्लांट बनेगा, इसके बाद गन्ना की उपलब्धता होने पर चीनी मिल चालू की जाएगी। 33 दिन से चीनी मिल के गेट पर धरने की अगुवाई कर रहे पूर्व सैनिक ललित कर्मयोगी ने बताया कि हमें एथेनाल प्लांट नहीं चीनी मिल चाहिए, हम जल्द चीनी मिल के लिए लखनऊ तक पैदल मार्च करेंगे।
धरना दे रहे लोग बोले, हमें चीनी मिल चाहिए, एथेनाल प्लांट नहीं
धरने में बैठे छाता के वीरेंद्र चौधरी का कहना है कि यहां सभी लोग चीनी मिल चाहिए, एथेनाल प्लांट की बात कहकर हमें बरगलाया जा रहा है। शेरगढ़ के वीरकुमार शर्मा कहते हैं कि वर्षों से हमारी मांग चीनी मिल की है, लेकिन गन्ना मंत्री चीनी मिल बाद में शुरू करने की बात कह रहे हैं, यह हमें मंजूर नहीं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

