शहरी गरीबों को मिली ‘पक्की छत’: 20 लाख घरों के ऐतिहासिक माइलस्टोन के बेहद करीब PM आवास योजना 2.0
प्रधानमंत्री आवास योजना अर्बन 2.0 (पीएमएवाई-यू 2.0) करीब 20 लाख घरों को मंजूरी देने के आंकड़े के करीब पहुंच गया है। यह जानकारी सरकार की ओर से दी गई।
अब तक करीब 18.77 लाख घरों को मंजूरी दी जा चुकी हैं और इससे शहरी गरीबों के लिए किफायती, सुरक्षित और पक्का घर सुनिश्चित हुआ है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ये मंजूरियां ‘सभी के लिए घर’ की दिशा में एक अहम कदम हैं, जिससे ज्यादा शहरी परिवार सुरक्षित घर के मालिक बनने और बेहतर भविष्य बनाने की ओर बढ़ सकेंगे।
एमओएचयूए के शहरी विकास विभाग के सचिव सतेंद्र सिंह ने कहा कि पीएमएवाई-यू 2.0 को समय पर और प्रभावी ढंग से लागू करने और उसकी निगरानी के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि इस योजना का लाभ सभी पात्र लाभार्थियों तक पहुंच सके। उन्होंने आगे कहा कि किसी भी तरह की रुकावटों की तुरंत पहचान की जानी चाहिए और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ बातचीत करके उन्हें दूर किया जाना चाहिए।
किसे मिल सकता है लाभ
पीएमएवाई-यू 2.0 का मकसद अपने अलग-अलग वर्टिकल के जरिए शहरी इलाकों में रहने वाले योग्य ईडब्ल्यूएस/एलआईजी और एमआईजी परिवारों को घर बनाने में मदद देना है।
सरकार के मुताबिक, इस स्कीम के तहत लाभार्थी अपना पक्का घर बना सकते हैं, स्कीम के तहत बने प्रोजेक्ट्स में घर खरीद सकते हैं, किफायती किराए के घर का लाभ उठा सकते हैं, या योग्य होम लोन पर ब्याज सब्सिडी का फायदा ले सकते हैं। इस तरह, उन्हें उनकी जरूरतों, पात्रता और आर्थिक हालात के हिसाब से कई तरह के हाउसिंग विकल्प मिलते हैं।
पीएमएवाई-यू 2.0, पीएमएवाई-यू के तहत हुई लगातार प्रगति को आगे बढ़ाता है। कुल मिलाकर, पीएमएवाई-यू और पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत 1.25 करोड़ से ज्यादा घरों को मंजूरी दी गई है और 1 करोड़ से ज्यादा घर बनकर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं।
सबको साथ लेकर चलने और समाज के कमजोर वर्गों तक योजना का फायदा पहुंचाने के लिए, बुजुर्गों को 1.80 लाख घर आवंटित किए गए हैं। एससी लाभार्थियों के लिए लगभग 3.25 लाख, एसटी लाभार्थियों के लिए 1.02 लाख और ओबीसी लाभार्थियों के लिए 8.22 लाख घरों को मंजूरी दी गई है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

