इसके अलावा, वहां गैर-हिंदी भाषी लोगों के लिए अनुवाद की कोई भी व्यवस्था नहीं थी। अपनी इस मांग की अनदेखी किए जाने से नाराज विधायकों ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया था।