कानपुर हत्याकांड: शालू का भाई बोला- बहन ने नहीं रची ससुर की हत्या की साजिश, कोई और है सिक्के का पहलू
दवा कारोबारी हत्याकांड में अब एक के बाद एक नई बातें सामने आ रही हैं, जिसने अब पुलिस जांच की दिशा बदल दी है। गुरुवार को पहली बार हत्या की साजिश रचने के आरोप में जेल में बंद शालू के भाई-बहन ने मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखा।
उसे इस बात की जानकारी ही नहीं थी। वह दो बार बहन से जेल में मिले। उसने बच्चे और पति सुब्रत के बारे में पूछा, लेकिन सुब्रत एक बार भी उससे मिलने नहीं आया। वहीं, इस हत्याकांड में पुलिस अब दिवंगत के बेटे सुब्रत की संलिप्तता को लेकर जांच कर रही है।
इंदिरानगर स्थित रतन आर्बिट अपार्टमेंट में रहने वाले दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की शनिवार रात चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। सीसीटीवी फुटेज की मदद से रेलबाजार के नूनिया मोहाल निवासी हत्यारोपित पुराने नौकर विशाल गौतम व हरबंश मोहाल के मथुरी मोहाल के राज किशोर को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था।
विशाल ने दावा किया था कि उसने कारोबारी की बहू शालू के कहने पर हत्या की थी। शालू मूलरूप से लखनऊ के ठाकुरगंज की रहने वाली है। पुलिस ने शालू को भी गिरफ्तार कर सोमवार को तीनों आरोपितों को जेल भेज दिया। घटना के चार दिन बाद गुरुवार को साजिशकर्ता शालू के बड़े भाई बेकरी कारोबारी धीरज अरोड़ा और बड़ी बहन सोनिया ने प्रेसवार्ता की।
‘बहन ने चींटी तक नहीं मारी, ससुर की हत्या कैसे कराएगी’
धीरज ने दावा किया कि बहन शालू ने चींटी तक नहीं मारी तो वह अपने ही ससुर कर हत्या की साजिश कैसे रच सकती है। लोग कह रहे हैं कि ससुर ने शालू के लिए घर में कैमरे लगवाए थे, जबकि कैमरे उन्होंने अपनी वृद्ध अस्वस्थ मां की निगरानी के लिए लगवाए थे।
यह भी कहा गया कि ससुर शालू को जो भी खर्च देते थे, वह उसका हिसाब लेते थे, जबकि बहन ने ऐसा कभी नहीं बताया। उन्होंने कहा कि गार्ड या हत्यारोपित नौकर ने क्या बयान दिए और उसमें कितनी सच्चाई है, यह पुलिस की जांच में आ जाएगा। पुलिस मामले में दिवंगत के बेटे सुब्रत और पत्नी और मां, छोटे भाई समेत परिवार के अन्य लोगों से एक बार फिर पूछताछ करेगी।
सुब्रत ने साले से भी बात करने से कर दिया इनकार
धीरज से जब पूछा गया कि शालू के पति सुब्रत से हत्याकांड को लेकर क्या बात हुई तो उन्होंने कहा कि उनसे अभी संपर्क नहीं हो पा रहा है। प्रयास किया था, लेकिन उन्होंने अभी बात करने से मना कर दिया है। वह अभी सदमे में भी हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

