कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है। शुक्रवार को एनएसएआई ने दयोड़ से हणोगी के बीच बनी दो टिवन में से एक ओर की टनलों को ट्रैफिक के लिए खोल दिया है। इससे न केवल स्थानीय लोगों बल्कि कुल्लू-मनाली आने वाले पर्यटकों को जाम से राहत मिलेगी।
क्या होगा फायदा?
यह टनल पर्यटकों के लिए फायदेमंद साबिl होगी। इससे यात्रियों को पुराने चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगने वाले जाम और खतरनाक मोड़ों से छुटकारा मिलेगा। यात्रा इस सुरंग के जरिए काफी सुरक्षित और आसान हो जाएगी।
तकरीबन साढ़े तीन किलोमीटर कुल लंबाई वाली इन चार सुरंगों के खुलने से फोरलेन का सबसे कठिन माना जाने वाला दयोड़ और हणोगी वाला पैच अब मिनटों में तय होगा।
इसमें दयोड़ की दो सुरंगों के अलावा दो हणोगी की सुरंगें भी शामिल हैं। इन सुरंगों के शुरू होने से मंडी से कुल्लू के बीच का सफर लगभग 20 मिनट और कम हो गया है। मौजूदा समय में यह सफर एक घंटे में तय होता है। इस बीच पर्यटकों और स्थानीय लोगों को ट्रैफिक और खतरनाक रास्तों से राहत मिलेगी। बारिश के मौसम में जगह-जगह भूस्खलन और भूधंसाव की समस्याओं का सामना भी नहीं करना पड़ेगा।
यात्रियों और स्थानीय लोगों को राहत
- टनल के जरिए मंडी से कुल्लू पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा।
- यात्री जोखिम भरे रास्तों और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों से बच सकेंगे।
- ये टनल आधुनिक सीसीटीवी कैमरों, वेंटिलेशन व इमरजेंसी एग्जिट प्रणालियों से लैस हैं।
- यहां के टैक्सी ऑपरेटर और स्थानीय लोग एक जगह से दूसरी जगह आसानी से आ-जा सकते हैं।
- हणोगी सुरंगें में दरारें आने के कारण दयोड़ की सुरंगें भी शुरू नहीं हो पा रही थी। करीब एक माह तक दिन-रात एक कर हणोगी की सुरंगों की मरम्मत की गई।
- फोरलेन के इस हिस्से के शुरू होने से प्रदेश में पर्यटन उद्योग को नई रफ्तार मिलने की पूरी उम्मीद है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

