भोजपुरी फिल्मों वाला नहीं, ये है बिहार का असली डांस! फाल्गुन के महीने में किसान करते थे ‘फगुआ नृत्य’

5.1kViews
1054 Shares

 फिल्मी भोजपुरी गानों पर दिखाया जाने वाला डांस बिहार का असली नृत्य नहीं है। बिहार के लोक नृत्य में फगुआ आता है, जो फाल्गुन महीने से जुड़ा नृत्य है।

बिहार के गांवों से शुरू हुआ ये नृत्य फाल्गुन के महीने में किया जाता है। फगुआ के गीतों पर ये डांस किया जाता है, जो लोगों के मन को उमंग और जोश से भर देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस नृत्य की शुरुआत कैसे हुई थी? आइए जानें कैसे शुरू हुआ बिहार का फगुआ डांस और इसकी खासियत क्या है।

फगुआ नृत्य की शुरुआत कैसे हुई?

फगुआ नृत्य बिहार की संस्कृति से जुड़ा है। फगुआ शब्द फाल्गुन महीने से बना है और इसलिए इसे फाल्गुन के महीने में किया जाता है। फाल्गुन का महीना बसंत ऋतु के आने का होता है। इसलिए बसंत के स्वागत के लिए फगुआ डांस किया जाता है। इस महीने में खेतों में फसल भी पक चुकी होती है। इसलिए माना जाता है कि अच्छी फसल के लिए धन्यवाद कहने और जश्न मनाने के लिए फगुआ नृत्य किया जाता था। किसान अच्छी फसल के लिए नाचते-गाते हुए भगवान का धन्यवाद कहते और साथ मिलकर खुशी मनाते थे। इसी से फगुआ नृत्य की शुरुआत हुई

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *