ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत आ रहे हैं। इससे पहले क्रेमलिन ने मंगलवार को कहा कि भारत को स्टील्थ फाइटर जेट बेचना पुतिन के एजेंडे में सबसे ऊपर है और मॉस्को Su-57 टेक्नोलॉजी को भारत के साथ शेयर करने की संभावना पर नई दिल्ली के साथ बातचीत कर रहा है।
मॉस्को से वर्चुअल ब्रीफिंग के जरिए भारतीय मीडिया से बात करते हुए क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा, “Su-57 जेट बहुत एडवांस्ड मशीनें हैं और ये दुनिया की बेहतरीन मशीनों में से एक हैं। इन मशीनों को बेचना (पुतिन की ब्रिक्स द्विपक्षीय बैठक के) एजेंडे में शामिल है।”
क्या टेक्नोलॉजी शेयर करेगा रूस?
सेंसिटिव स्टील्थ फाइटर टेक्नोलॉजी शेयर करने के बारे में उन्होंने कहा, “भारतीय वैज्ञानिक प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी चाहते हैं और यह आगे की बातचीत का विषय है जो अभी चल रही है। हर देश अपनी एडवांस्ड टेक्नोलॉजी को अपने पास ही रखना चाहता है लेकिन भारत के साथ हमारे गहरे रणनीतिक संबंध हैं, इसलिए हम इस संभावना पर चर्चा करेंगे कि क्या यह टेक्नोलॉजी भारत को दी जा सकती है। इस तरह का मिलिट्री सहयोग बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन इस पर खुले तौर पर या सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं की जा सकती।”
पुतिन के प्रवक्ता ने आगे कहा, “हम मिलकर ब्रह्मोस मिसाइलें भी बना रहे हैं। अब समय आ गया है कि उन मिसाइलों को बेहतर बनाने और उनमें कुछ अतिरिक्त खूबियां जोड़ने के बारे में सोचा जाए, ताकि वे दुनिया में और अधिक असरदार और प्रतिस्पर्धी बन सकें।” पेस्कोव ने कहा कि S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की डिलीवरी भी नेताओं के एजेंडे में शामिल है।
न्यूक्लियर सहयोग पर क्या बोले पेस्कोव?
न्यूक्लियर सहयोग बढ़ाने के बारे में उन्होंने कहा, “रूस न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में दुनिया का लीडर है। हम दुनिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में अधिक न्यूक्लियर यूनिट बना रहे हैं। हम भारत में इकॉनमी का एक नया क्षेत्र शांतिपूर्ण न्यूक्लियर एनर्जी शुरू कर रहे हैं। कुडनकुलम में हमारा काम बहुत अच्छा चल रहा है और हमें उम्मीद है कि भारत में बनने वाले नए न्यूक्लियर प्लांट को लेकर भारत के साथ और बातचीत होगी।”

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

