Doordarshan के शो के लिए आईं 14 लाख चिठ्ठियां, मेकर्स को करना पड़ा टैंपो; 25 साल पहले बनाया था वर्ल्ड रिकॉर्ड

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दूरदर्शन पर कई ऐसे शोज आए हैं, जिनकी चमक कई साल बीतने के बाद भी फीकी नहीं पड़ी है। इनमें शक्तिमान, मालगुडी एक्सप्रेस, रामायण, अलिफ लैला जैसे शोज शामिल है। 90 के दशक में ही एक ऐसा शो भी आया था, जिसमें हम आपके हैं कौन एक्ट्रेस रेणुका सहाने मुख्य भूमिका में थीं। कौन सा था वह शो जिसने लोकप्रियता में तोड़े थे सभी रिकॉर्ड्स, पढ़ें दिलचस्प किस्सा।

लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज
दूरदर्शन के जिस लोकप्रिय शो के बारे में हम आपको बता रहे हैं, वह भारत की संस्कृति से सजा ‘सुरभि’ था, जो साल 1990 में ऑनएयर हुआ और तकरीबन 10 सालों तक चला। सुरभि सीरियल के होस्ट रेणुका शहाणे और सिद्धार्थ कक थे। शुरुआत में यह शो दूरदर्शन पर आया और बाद में इसकी लोकप्रियता को देखते हुए इसे स्टार प्लस पर मॉर्निंग शो मिल गया।यह न सिर्फ एक लॉन्ग रनिंग कल्चरल सीरीज थी, बल्कि इंडियन टेलीविजन के इतिहास का यह एक ऐसा शो था, जिसे एक भारी मात्रा मे ऑडियंस का पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला था, जिसकी वजह से इसका नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी आज तक दर्ज है, जिसे अब तक कोई नहीं तोड़ पाया है।

एक हफ्ते में 14 लाख से ज्यादा मिले लैटर

1990 में आया शो ‘सुरभि’ की लोकप्रियता का एक प्रमुख कारण ये भी था कि दर्शकों को वीकली शो में होने वाले क्विज में हिस्सा लेने को मिलता था। दरअसल, 90 के दौर में भारत में मोबाइल फोन और इंटरनेट नहीं था, तो यह शो देखने वाले दर्शक इंडिया पोस्ट के 15 पैसे वाले पोस्टकार्ड से अपने जवाब भेजते थे।

लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड के मुताबिक, रेणुका शहाणे और सिद्धार्थ को शो में एक हफ्ते में तकरीबन दर्शकों की 14 लाख से अधिक चिट्ठियां मिली थी, जो इससे पहले किसी भी इंडियन टेलीविजन शो में नहीं देखा गया है। शो की लोकप्रियता 10 सालों में इतनी ज्यादा बढ़ गई थी कि इस तरह के मुकाबले में हिस्सा लेने के लिए पोस्टकार्ड डिपार्टमेंट को ‘कम्पीटिशन पोस्टकॉर्ड’ के नाम से एक अलग कैटेगरी बनानी पड़ी थी, जिसकी कीमत 2 रुपए प्रति पोस्टकार्ड थी।

मेकर्स को हायर करना पड़ा था टैम्पो

सिद्धार्थ ने एक इंटरव्यू में बताया कि ‘सुरभि’ शो के लिए शुरुआती महीनों में 100 से 200 चिट्ठियां आई थी, लेकिन 4 से 5 महीने के बाद उनकी तादाद बढ़ गई और 5 हजार से अधिक खत उन्हें मिलने लगे। एक्टर ने इंटेरव्यू में ये भी बताया था कि बढ़ती चिट्ठियों से वह भी एक समय पर पोस्ट कार्ड ऑफिस वाले लोग इतना परेशान हो गए थे कि उन्होंने उन्हें फोन मिलाकर चिट्ठी ले जाने कहा। जिसके लिए उन्हें टैंपो करना पड़ा था, क्योंकि चिट्ठियों की संख्या सैकड़ों में थी।

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