जिले में तैनात महिला सिपाही ही साइबर उत्पीड़न का शिकार हो गई। फेसबुक पर मोबाइल नंबर, आपत्तिजनक फोटो और वीडियो प्रसारित कर दिया। इसके बाद उसके मोबाइल पर अनजान नंबरों से लगातार फोन आने लगे।
कॉल करने वाले अश्लील बातें करने के साथ व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक संदेश और फोटो भेजने लगे। परेशान होकर महिला सिपाही ने अपना मोबाइल बंद कर दिया। उसकी तहरीर पर तीन सितंबर को साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने फर्जी फेसबुक प्रोफाइल की जांच शुरू कर दी है।
कॉलर ने ही खोला मामला
लगातार हो रहे इस उत्पीड़न से वह मानसिक रूप से परेशान हो गई। एक कॉलर से सख्ती से पूछताछ करने पर उसने बताया कि फेसबुक पर एक फर्जी आईडी बनाई गई है। इस प्रोफाइल पर आपत्तिजनक फोटो और वीडियो के साथ महिला सिपाही का मोबाइल नंबर भी डाला गया है।पोस्ट में लोगों को उस नंबर पर कॉल करने के लिए उकसाया जा रहा है। इसके बाद से ही उसके पास लगातार फोन और संदेश आने लगे। लगातार हो रहे मानसिक उत्पीड़न से परेशान महिला सिपाही ने थाना प्रभारी को तहरीर दी। तीन सितंबर को पुलिस ने फर्जी फेसबुक आईडी के माध्यम से अश्लील सामग्री प्रसारित करने और नंबर वायरल करने के आरोप में बीएनएस व आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

