दिघवारा प्रखंड में माही नदी के दायां तटबंध करीब 12 मीटर तक क्षतिग्रस्त होने के बाद अब प्रशासन का पूरा फोकस युद्धस्तर पर मरम्मत और तटबंध को सुरक्षित करने पर है। जल संसाधन विभाग की टीम ने क्षतिग्रस्त हिस्से को दुरुस्त करने का काम तेज कर दिया है।
मशीनरी और अतिरिक्त मानवबल लगाया गया
करीब 7.5 किलोमीटर लंबे तटबंध के क्षतिग्रस्त हिस्से को मजबूत करने के लिए जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता, कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता सहित तकनीकी टीम मौके पर मौजूद है। तटबंध की मरम्मत के लिए आवश्यक सामग्री, मशीनरी और अतिरिक्त मानवबल लगाया गया है।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि मरम्मत कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं बरती जाए और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए काम को जल्द पूरा किया जाए।
हर गतिविधि पर डीएम की नजर
जिलाधिकारी ने स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों से तटबंध की मौजूदा स्थिति और मरम्मत की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि क्षतिग्रस्त हिस्से को मजबूत करने के साथ तटबंध के आसपास के हिस्सों की भी लगातार निगरानी की जाए। पानी के दबाव को देखते हुए किसी अन्य स्थान पर रिसाव, कटाव या क्षति के संकेत मिलने पर तत्काल सुरक्षात्मक कार्रवाई करने को कहा गया है।
प्रशासन की ओर से तटबंध की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। विभागीय अभियंता स्थल पर कैंप कर मरम्मत कार्य की निगरानी कर रहे हैं, जबकि जिला प्रशासन के अधिकारी भी स्थिति की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। अधिकारियों का विशेष जोर क्षतिग्रस्त हिस्से को स्थायी रूप से मजबूत करने के साथ आसपास के क्षेत्र में किसी नई क्षति को रोकने पर है।
तटबंध टूटने के बाद संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती तौर पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। नदी के जलदबाव तथा तटबंध की स्थिति में होने वाले बदलाव की जानकारी तत्काल जुटाई जा रही है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर बिना किसी देरी के बचाव एवं सुरक्षात्मक उपाय किए जा सकें।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

