जिस स्कूल में पढ़े, वहां पहुंच भावुक हुए नितिन नवीन; आचार्य किशोर कुणाल की प्रतिमा देख बोले- मेरे अंदर भी आई ऊर्जा

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Teachers Day 2026: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शनिवार को अपने पुराने विद्यालय ज्ञान निकेतन पहुंचे। यहां उन्होंने स्वर्गीय आचार्य किशोर कुणाल की प्रतिमा का अनावरण किया।

शिक्षक दिवस समारोह में शामिल हुए। जिस विद्यालय से उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की थी, उसी परिसर में शिक्षक दिवस के अवसर पर पहुंचना उनके लिए भावुक कर देने वाला क्षण रहा।

नितिन नवीन ने अपने संबोधन में कहा कि जीवन में पद और जिम्मेदारियां अपनी जगह हैं, लेकिन हर व्यक्ति के जीवन में स्कूल का शुरुआती समय हमेशा यादगार रहता है।

जिस विद्यालय में पहली शिक्षा मिली हो, वहीं शिक्षक दिवस के दिन अपने प्रिंसिपल के साथ कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए बेहद अलग और सुखद अनुभव है।

उन्होंने कहा कि ज्ञान निकेतन से शिक्षा प्राप्त कर बिहार के कई युवा देशभर में अलग-अलग क्षेत्रों में मुकाम हासिल कर रहे हैं। ये छात्र विद्यालय के साथ-साथ पूरे बिहार का नाम भी आगे बढ़ा रहे हैं।

आचार्य किशोर कुणाल की प्रतिमा से मिली नई ऊर्जा

आचार्य किशोर कुणाल को याद करते हुए नितिन नवीन भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर में उनकी प्रतिमा देखकर उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है कि उनके भीतर भी नई ऊर्जा का संचार हुआ है। यह प्रतिमा विद्यालय के विद्यार्थियों को भी प्रेरित करेगी।

उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे जीवन में ऐसा सशक्त अधिकारी बनने का प्रयास करें, जिससे समाज में सकारात्मक संवाद और बदलाव आए। साथ ही ऐसे सामाजिक कार्यकर्ता बनने की कोशिश करें, जो समाज के लिए बेहतर काम कर सकें।

आचार्य किशोर कुणाल ने की थी ज्ञान निकेतन की परिकल्पना

नितिन नवीन ने कहा कि आचार्य किशोर कुणाल ने ज्ञान निकेतन की परिकल्पना की थी। कंकड़बाग में इस विद्यालय की शुरुआत हुई और यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने आगे चलकर देशभर में अपनी पहचान बनाई।

उन्होंने अपने छात्र जीवन से जुड़े प्रसंगों को याद करते हुए कहा कि विद्यालय और गुरु का व्यक्ति के जीवन में विशेष स्थान होता है। आचार्य किशोर कुणाल से उन्हें शिष्य के रूप में आशीर्वाद मिला था। उनकी स्मृतियां और उनके विचार हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे।

नेतरहाट से जुड़े शिक्षकों का भी किया उल्लेख

भाजपा अध्यक्ष ने ज्ञान निकेतन की शैक्षणिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्यालय से जुड़े शिक्षकों और विद्यार्थियों ने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

उन्होंने नेतरहाट के तत्कालीन उप प्राचार्य का भी उल्लेख किया, जो बाद में ज्ञान निकेतन से जुड़े। विद्यालय के पहले बैच से लेकर अब तक यहां के विद्यार्थियों ने विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल की हैं।

नितिन नवीन ने कहा कि विद्यालय में आचार्य किशोर कुणाल की प्रतिमा स्थापित होना केवल एक स्मृति नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। विद्यार्थी जब इस प्रतिमा को देखेंगे तो उन्हें शिक्षा, अनुशासन, सेवा और समाज के प्रति जिम्मेदारी की प्रेरणा मिलेगी।

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