ट्रस्ट महासचिव गोविंददेव गिरि के प्रति उत्तरदायी होंगे CEO, राम मंदिर के लिए तैयार करेंगे नया ढांचा

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दो महीने की गहन चयन प्रक्रिया के उपरांत नियुक्त किए गए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का पद मंदिर प्रबंधन में काफी महत्वपूर्ण होगा।

सीईओ बने सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र भले ट्रस्ट महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि के प्रति उत्तरदायी होंगे और उन्हीं के निर्देशन में संपूर्ण व्यवस्था का दायित्व संभालेंगे, लेकिन इनके जिम्मे ही अब मंदिर से जुड़े समस्त वैधानिक, प्रशासनिक व वित्तीय कार्यों का निष्पादन होगा। वहीं मंदिर में आने वाले दर्शनार्थियों के लिए दर्शन संबंधी व्यवस्थाओं को देखेंगे और उनके लिए समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे।

हालांकि अभी ट्रस्ट पदाधिकारियों के साथ बैठक में विभिन्न विषयों पर चर्चा के उपरांत तमाम निर्णय लिए जाएंगे, लेकिन पहले से ही ट्रस्ट की ओर से निर्धारित दायित्वों के अनुसार मंदिर के सीईओ को राम मंदिर के स्वरूप और आकार के अनुसार कार्यप्रणाली और पद्धतियां विकसित करनी होंगी।

इसके उद्देश्य, स्वरूप और आकार के अनुसार संगठन को गठित करना होगा। मंदिर में कार्यरत अधिकारियों, सेवकों और कर्मचारियों के शीर्षस्थ कार्यकारी नायक का दायित्व संभालना होगा। वर्तमान गतिविधियों और भावी विकास का कुशल संचालन करना होगा।

सभी प्रकार के वैधानिक, नियामक और ट्रस्ट डीड की आवश्यकताओं की पूर्ति करनी होगी। मंदिर के समस्त वित्तीय व्यवहार, लेखों और सूचनाओं में पारदर्शिता व कुशलता सुनिश्चित करना होगा। समस्त धार्मिक पूजा-पाठ, उत्सव, अनुष्ठान आदि का नियमित एवं सुचारु संचालन और दर्शनार्थियों की सुरक्षा, सुविधा और संतोष सुनिश्चित करना होगा।

इसके साथ समय-समय पर आने वाले विशिष्ट अतिथियों व प्रमुख संतों की यथोचित व्यवस्था करनी रहेगी। मंदिर की संपत्तियों की समुचित सुरक्षा और नियमानुसार विनिवेश करना तथा ट्रस्ट डीड (विलेख) के अनुसार उद्देश्यों की प्राप्ति की योजनाएं बनाना और ट्रस्टी मंडल व महासचिव के निर्देशन में कुशल क्रियान्वयन करके अपने पद के दायित्व को सार्थक बनाना होगा।

चंपतराय ने ‘पद’ छोड़ा ‘कद’ आज भी बरकरार

महासचिव का पद छोड़ने के बाद भी चंपतराय का कद आज भी बरकरार है। ट्रस्ट के नए दायित्वधारियों ने उनसे भेंट कर कामकाज शुरू किया। चंपतराय ने मिलने गए पदाधिकारियों को शुभकमानएं दीं।

उनसे मिलने वालों में ट्रस्टी व महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि व ट्रस्टी महेश भागचंदका प्रमुख रहे। एक और ट्रस्टी मदनमोहन पांडेय व सीईओ जितेंद्र मिश्र भी सुबह से ही कारसेवकपुरम पहुंचे की चर्चा थी, लेकिन बताया गया कि भीड़ होने के कारण यह मुलाकात स्थगित कर दी गई।

गोविंददेव गिरि ने देखा मंदिर के मुकदमों का रिकॉर्ड

कारसेवकपुरम पहुंचे महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि ने पूर्व महासचिव चंपतराय के साथ जाकर राम मंदिर माडल के कक्ष में रखे मंदिर के सिलसिले में आए मुकदमें के निर्णय व अन्य अभिलेखों का रखरखाव देखा। इसी कक्ष में इन अभिलेखों के डिजिटलीकरण के चल रहे कार्य को देखा।

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