ईरान के मिडफील्डर मोहम्मद मोहाबी फीफा विश्व कप 2026 में अपने जश्न मनाने के कारण विवादों से घिर गए हैं। मोहाबी ने सोमवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ ग्रुप जी के मुकाबले में गोल दागने के बाद ‘गन फायरिंग’ का जश्न मनाया। मोहाबी के जश्न मनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
बता दें कि मोहाबी ने ईरान के लिए मैच में निर्णायक गोल दागा। मोहाबी ने कैलिफोर्निया में लॉस एंजिलिस के सोफाई स्टेडियम में हेडर के जरिये गोल दागकर स्कोर 2-2 से बराबर किया। विंगर ने मैदान पर अपनी भावनाएं जश्न के जरिये जाहिर की। इसके बाद से मोहाबी को शेष वर्ल्ड कप से बैन करने की मांग जोर पकड़ने लगी है।
बंदिशों के बीच खेला गया मैच
यह मैच फीफा, खेल की शासकीय ईकाई और स्थानीय अधिकारियों द्वारा लगाई विभिन्न पाबंदियों के बीच खेला गया। यह मुकाबला राजनीतिक रूप से गरमाया रहा। ईरान के समर्थकों ने फीफा के प्रतिबंध का विरोध करते हुए स्टेडियम के अंदर क्रांति से पहले के ईरानी झंडे को दिखाया। मैच के शुरू होने से पहले कई प्रदर्शनकारी मैदान के बाहर इकट्ठा हुए और ईरानी सरकार का विरोध किया।
स्टेडियम के अंदर भीड़ में क्रांति से पहले वाला झंडा दिखाई दे रहा था। फीफा के नियम के बावजूद प्रशंसक इसे बैनर, झंडों और टी-शर्ट पर दिखा रहे थे। सोफाई स्टेडियम में सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी थी; दर्शकों को अंदर जाने से पहले मेटल डिटेक्टर से गुजरना और बैग की जांच करवानी पड़ रही थी।
फैंस ने जमकर किया बवाल
सुरक्षा कर्मियों ने क्रांति से पहले ईरानी झंडे वाली टी-शर्ट पहने फैंस के एक ग्रुप को इसे हटाने के लिए कहा। जब समर्थकों ने कहा कि उनके पास पहनने के लिए दूसरे कपड़े नहीं हैं तो उन्हें अपनी टी-शर्ट उलटी करके पहनने के निर्देश दिए गए।
इन उपायों के बावजूद फैंस के स्टेडियम में घुसने के बाद नियमों का पालन कराने की कोशिश सीमित दिखी। मैच के दौरान स्टैंड्स में क्रांति से पहले के झंडे काफी बड़ी मात्रा में नजर आए। जब राष्ट्रगान बज रहा था, तब कई ईरानी प्रशंसकों ने अपनी पीठ कर ली थी जबकि कुछ ने हूटिंग की।


