निगाही में डीजल चोरी का खेल: पेटी कॉन्ट्रैक्ट, फोरमैन और कथित मिलीभगत से NCL को प्रतिदिन लाखों का चुना?

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ईस्ट पार्किंग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल, सूत्रों का दावा- कथित डीजल चोर गिरोह के गुर्गों को ही मिल रहा संरक्षण

सिंगरौली। एनसीएल की निगाही परियोजना के ईस्ट पार्किंग क्षेत्र में कथित डीजल चोरी का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। पूर्व में सामने आए डीजल चोरी के मामले के बाद अब सुरक्षा व्यवस्था और कथित तौर पर पेटी कॉन्ट्रैक्ट के जरिए काम कराए जाने को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, रविकांत की सिक्योरिटी एजेंसी जितेंदरपाल सिंह खेड़ा का काम एनसीएल के एक सहदौरा फोरमैन को कथित तौर पर निगाही परियोजना के ईस्ट पार्किंग की सुरक्षा व्यवस्था का कार्य पेटी कॉन्ट्रैक्ट पर दिया गया था। इसके बाद से ही ईस्ट पार्किंग क्षेत्र में डीजल चोरी के खेल के कथित रूप से शुरू होने की चर्चाएं तेज हो गईं। सूत्रों का दावा है कि संबंधित फोरमैन के इशारे पर निगाही परियोजना के ईस्ट पार्किंग क्षेत्र से डीजल चोरी का कथित खेल संचालित होने लगा। जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में पूर्व से कथित रूप से सक्रिय डीजल चोर गिरोह के गुर्गे ही डीजल चोरी की गतिविधियों में शामिल बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद संबंधित सुरक्षा एजेंसी द्वारा इन कथित लोगों पर प्रभावी कार्रवाई न किए जाने से कई तरह के सवाल उठ रहे हैं और एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी उंगलियां उठने लगी हैं।

सूत्रों का यह भी आरोप है कि संबंधित सुरक्षा एजेंसी का पेटी कॉन्ट्रैक्ट सहदौरा फोरमैन कथित डीजल चोर गिरोह के लोगों पर मेहरबान नजर आ रही है। मामले की जानकारी एकत्र करने पर यह बात भी सामने आने का दावा किया जा रहा है कि एनसीएल से संबद्ध कार्य में फोरमैन के पद पर कार्यरत रहते हुए संबंधित व्यक्ति ने ईस्ट पार्किंग क्षेत्र के सुरक्षा कार्य को कथित तौर पर पेटी कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से अपने नियंत्रण में ले लिया। आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि संबंधित फोरमैन की कथित रूप से डीजल चोर गिरोह के लोगों के साथ मिलीभगत है, जिसके कारण निगाही परियोजना से लगातार डीजल चोरी की घटनाएं हो रही हैं। सूत्रों का दावा है कि इस कथित खेल के कारण एनसीएल को प्रतिदिन लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि एक एनसीएल से जुड़े कर्मचारी या फोरमैन द्वारा सुरक्षा कार्य को कथित रूप से पेटी कॉन्ट्रैक्ट पर लेकर संचालित किया जा रहा है, तो इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को है या नहीं? और यदि जानकारी है तो अब तक इस मामले की निष्पक्ष जांच क्यों नहीं कराई गई? निगाही परियोजना के ईस्ट पार्किंग से डीजल चोरी का यह मामला अब केवल चोरी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था, पेटी कॉन्ट्रैक्ट और कथित मिलीभगत के आरोपों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

अब निगाहें एनसीएल के जिम्मेदार अधिकारियों और निगाही परियोजना प्रबंधन पर टिकी हैं कि वे इस पूरे मामले में क्या कदम उठाते हैं। या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह जांच के इंतजार में ही दबकर रह जाएगा? फिलहाल, निगाही परियोजना में कथित डीजल चोरी का यह मामला एनसीएल प्रबंधन और संबंधित सुरक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

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