जिले में नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति और गंभीर होती जा रही है। कर्मनाशा खतरे के निशान से लगभग डेढ़ मीटर ऊपर बह रही है।
गंगा खतरे के निशान से केवल 12 सेंटीमीटर नीचे रह गयी है। धर्मावती और ठोरा नदियों में भी उफान की स्थिति है। रामदास राय का डेरा थाना तक जाने वाली इकलौती सड़क बाढ़ के पानी में डूब गई है।
बलिया जिला से जोड़ने वाले गंगा पर बने पुल जनेश्वर मिश्र सेतु के संपर्क पथ पर तेज धारा बह रही है। बक्सर-चौसा-मोहनिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी बाढ़ का पानी चढ़ गया है और जल्दी ही आवागमन ठप होने की आशंका बढ़ गई है।
राजपुर प्रखंड के खीरी में धर्मावती नदी का पानी सड़क पर बह रहा है। ब्रह्मपुर प्रखंड में उत्तरी और दक्षिणी नैनीजोर पंचायत में गंगा नदी का पानी लगातार बढ़ते जा रहा है।
दियारा क्षेत्र के खेतों में भी पानी फैलने लगा है। पानी बढ़ने से अब तक करीमन डेरा, गजाधर डेरा, पोखरा ढाला और ढाबी नामक टोले के रास्ते पर पानी भर गया है।
आने-जाने का रास्ता भी प्रभावित हुआ है। गंगा नदी का पानी लगातार बढ़ते ही जा रहा है। डीएम साहिला और सदर अनुमंडल पदाधिकारी अविनाश कुमार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया है।
आज से जलस्तर में कमी आने की उम्मीद
बक्सर जिले के इटाढ़ी, सदर, चौसा, चक्की, ब्रह्मपुर और सिमरी प्रखंड के तटवर्ती इलाके बाढ़ से प्रभावित हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार मंगलवार दोपहर 3:00 बजे बक्सर स्टेशन पर गंगा नदी का जलस्तर 60.21 मीटर दर्ज किया गया।
यह इसके चेतावनी स्तर 59.32 मीटर से काफी ऊपर बह रहा है और खतरे के निशान 60.32 मीटर से अब मात्र 12 सेंटीमीटर दूर है।
राहत की बात है कि प्रयागराज में गंगा का जलस्तर घटने लगा है। वाराणसी में स्थिरता है। बुधवार से बक्सर में भी गंगा के जलस्तर में कमी आने की संभावना है।
दूसरी तरफ चौसा में गंगा के संगम से ठीक पहले कर्मनाशा नदी मंगलवार दोपहर 3:00 बजे 61.78 मीटर पर बह रही थी, जो अपने खतरे के निशान 60.39 मीटर से 1.39 मीटर ऊपर है।
यहां भी जलस्तर बढ़ रहा है। मंगलवार को दिन भर हुई रिमझिम वर्षा ने भी नदियों का जलस्तर बढ़ाने में योगदान दिया।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

