वैभव सूर्यवंशी का बल्ला जब चलता है तो आग उगलता है। गेंदबाज परेशानी में रहते हैं कि उन्हें आउट कैसे किया जाए। दलीप ट्रॉफी में एक बार फिर यही देखने को मिला। वैभव का बल्ला चल पड़ा और गेंदबाज परेशान हो गए, लेकिन तूफानी और रिकॉर्ड तोड़ पारी खेलने के बाद भी वैभव मायूस लौटे।
वैभव नहीं लगा पाए शतक
वैभव ने अभिमन्यू ईश्वरन के साथ मिलकर टीम को तूफानी शुरुआत दिलाई और जमकर रन बटोरे। इस दौरान वैभव ने महज 42 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया। वैभव ने छक्के के साथ अपने 50 रन पूरे किए। इसी के साथ वह दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में अर्धशतक जमाने वाले बल्लेबाज बने। वैभव जिस तरह की बल्लेबाजी कर रहे थे उससे तय लग रहा था कि वह शतक पूरा कर लेंगे। वह शतक के करीब भी पहुंच गए थे, लेकिन किस्मत को शायद कुछ और मंजूर था। वैभव जब 92 रनों पर थे तब उन्होंने एक बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की जिस पर वह आउट हो गए।
हर्ष दुबे गेंदबाजी कर रहे थे और उन्होंने ऑफ स्टम्प की लाइन में आगे की तरफ गेंद फेंकी। वैभव ने इसे डीप मिडविकेट पर खेल दिया। वैभव की कोशिश थी कि वह इस गेंद पर छह रन लें, लेकिन बाउंड्री पर खड़े अरशद खान ने अच्छे जजमेंट के साथ गेंद को लपका और वैभव की पारी का अंत कर दिया। इस युवा बल्लेबाज ने 81 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके और सात छक्के मारे।
झल्ला गए वैभव
वैभव को भी उम्मीद थी कि वह शतक पूरा कर लेंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इसी कारण वह झल्ला गए। जैसे ही अरशद ने कैच लपका वैभव का मुंह उतर गया और उन्होंने जमीन में बल्ला दे मारा। वह मायूस होकर पवेलियन लौटे। इसी के साथ ईस्ट जोन का पहला विकेट गिरा। वैभव और अभिन्यू के बीच 161 रनों की साझेदारी हुई जिसने टीम को काफी मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

