टाटा वर्कर्स यूनियन की सोमवार को हुई कमेटी मीटिंग में ग्रेड रिवीजन और फिटमेंट स्लिप का मुद्दा ऐसा गरमाया कि यूनियन के पदाधिकारी ही आमने-सामने आ गए।
एमडी से अकेले मिलने और ग्रेड रिवीजन में कथित गड़बड़ी को लेकर शुरू हुई बहस देखते ही देखते तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की तक पहुंच गई।
सहायक सचिव नितेश राज और उपाध्यक्ष संजय सिंह के बीच विवाद के बाद बैठक में अफरातफरी का माहौल बन गया। कमेटी मेंबरों ने बीच-बचाव कर किसी तरह मामला शांत कराया।
फिटमेंट स्लिप ने खोली नाराजगी की परत
माइकल जॉन सभागार में सुबह करीब 9:30 बजे चार माह के अकाउंट्स को पास करने के लिए कमेटी मीटिंग बुलाई गई थी। लेकिन ग्रेड रिवीजन के बाद कर्मचारियों को मिली फिटमेंट स्लिप का विवाद बैठक पर हावी हो गया।
अध्यक्ष संजीव चौधरी ने स्पष्ट किया कि बैठक केवल अकाउंट्स पास करने के लिए बुलाई गई है। अन्य मुद्दों पर अगली बैठक में चर्चा होगी और शिवेश वर्मा को वहां पहले बोलने का मौका दिया जाएगा।
अध्यक्ष और महामंत्री आमने-सामने
मामला शांत होने के बाद महामंत्री सतीश कुमार सिंह ने माइक संभाला और ग्रेड रिवीजन को लेकर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि ग्रेड रिवीजन पर कमेटी में कभी पूरी चर्चा नहीं हुई। आरोप लगाया गया कि यूनियन अध्यक्ष अकेले एमडी से मिलने जाते थे।
इस पर अध्यक्ष संजीव चौधरी ने भी पलटवार करते हुए कहा कि यदि ग्रेड रिवीजन में गड़बड़ी की बात कही जा रही है तो वह भी बताएंगे कि आखिर गड़बड़ी क्यों हुई।
इसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। महामंत्री के समर्थन में सहायक सचिव नितेश राज और अध्यक्ष के समर्थन में उपाध्यक्ष संजय सिंह आमने-सामने आ गए।
विवाद बढ़ने पर दोनों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद कमेटी मेंबरों और पदाधिकारियों ने दोनों को अलग किया।
खराब ग्रेड पर भी बरसे कमेटी मेंबर
डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश कुमार सिंह ने अध्यक्ष का पक्ष लेते हुए कहा कि अध्यक्ष एमडी से अकेले जरूर मिलते थे, लेकिन हर बैठक के बाद पदाधिकारियों को पूरी जानकारी देते थे।
वहीं, उपाध्यक्ष संजीव तिवारी ने खराब ग्रेड रिवीजन को लेकर अध्यक्ष पर सवाल उठाए। इस पर अध्यक्ष समर्थकों ने पलटवार करते हुए पूछा कि यदि ग्रेड रिवीजन खराब था तो समझौते पर हस्ताक्षर क्यों किए गए। बहस के दौरान माहौल इतना गर्म हो गया कि एक-दूसरे पर तीखी और आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की गईं।
बिना विस्तृत चर्चा के पास हुआ अकाउंट्स
हंगामे के बीच जब सहायक सचिव नितेश राज दोबारा मिनट्स पढ़ने के लिए मंच पर पहुंचे तो कमेटी मेंबरों में पहले से चल रही नाराजगी साफ दिखाई दी। अंततः बिना विस्तृत चर्चा के मिनट्स और अकाउंट्स पास कर बैठक समाप्त कर दी गई।
दिसंबर में चुनाव, सत्ता पक्ष की बढ़ेगी चुनौती?
सोमवार की घटना ने यूनियन के भीतर चल रहे असंतोष को खुलकर सामने ला दिया है। फिटमेंट स्लिप मिलने के बाद कई कमेटी मेंबर ग्रेड रिवीजन में कर्मचारियों के हितों को नुकसान पहुंचाने का आरोप यूनियन नेतृत्व पर लगा रहे हैं। कुछ सदस्य तो सभी 11 पदाधिकारियों को बदलने की मांग तक कर रहे हैं।
दिसंबर 2026 में यूनियन का चुनाव प्रस्तावित है। ऐसे में चुनाव से कुछ महीने पहले ही सत्ता पक्ष के खिलाफ जिस तरह विरोध के स्वर तेज हुए हैं, उससे आने वाले दिनों में यूनियन की राजनीति और गरमाने के संकेत मिल रहे हैं।
अब बड़ा सवाल
क्या फिटमेंट स्लिप का विवाद टाटा वर्कर्स यूनियन के आगामी चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बनेगा?

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

