IAS द‍िव्‍या म‍ित्‍तल ने इस्‍तीफे के ल‍िए जो द‍िन चुना वह अपने आप में काफी खास, जानकर चौंक जाएंगे आप भी

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 जनपद की पूर्व जिलाधिकारी रहीं दिव्या मित्तल की सिद्धपीठ मां विंध्यवासिनी में अटूट आस्था रही है। भाद्र कृष्ण पक्ष द्वितीया को मां विंध्यवासिनी अवतरण व प्राकट्योत्सव मनाया जाता है। कयास लगाया जा रहा है कि इसी के चलते उन्होंने नई पारी की शरुआत के साथ ही इस्तीफा देने का दिन चुना था।

गत नौ जुलाई को विशेष सचिव राजस्व के रुप में जनपद भ्रमण के दौरान मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन किया था। साथ ही साथ मन में निर्णय के लिए मां विंध्यवासिनी से आशीर्वाद भी मांगा। विंध्य महात्म्य में मां विंध्यवासिनी देवी को लक्ष्मी तथा योगमाया का रूप कहा गया है। देवी भागवत पुराण में विंध्यवासिनी को सर्वोत्तम सिद्धपीठ कहा गया है।

मां विंध्यवासिनी के दर्शन पूजन के बाद नई पारी की शुरुआत की। पूर्व आइएएस के इस्तीफा देने के बाद जनपद में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। उनके समाजसेवा के क्षेत्र में अपनी नई पारी की शुरुआत मीरजापुर से करने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। करीब‍ियों के अनुसार मां व‍ि‍ंध्‍यवास‍िनी देवी के आशीर्वाद से ही वह अब आगे रणनीत‍ि बनाएंगी।

वैसे कहा तो यहां तक जा रहा है कि पूर्व जिलाधिकारी अब राजनीति के क्षेत्र में आकर अपनी पहचान बनाएंगी। जनपद में तैनाती के दौरान विकास कार्यों और अपने स्वभाव, व्यवहार व अंदाज के चलते दिव्या मित्तल यहां लोगों में काफी लोकप्रिय रहीं। वह उनकी लोकप्रियता आज भी बनी है। इसकी वजह से वह ज‍िले को ही अपनी कर्मभूम‍ि बना सकती हैं।

आइएएस दिव्या मित्तल ने 18 सितंबर 2022 को बनी थी डीएम
आइएएस दिव्या मित्तल को शासन ने 18 सितंबर 2022 को मीरजापुर का डीएम की जिम्मेदारी सौंपी थी। वह मूलरूप से हरियाणा के रेवाड़ी की निवासी हैं, लेकिन उनका जन्म दिल्ली में ही हुआ। उनकी पढ़ाई भी दिल्ली में ही हुई। 10वीं और 12वीं करने के बाद दिल्ली में ही बीटेक किया और फिर आइआइएम बेंगलुरु से एमबीए की। इसके बाद उनकी शादी हो गई। उनकी और पति गगनदीप सिंह की लंदन में बहुत अच्छे पैकेज पर नौकरी भी लग गई थी, लेकिन देश प्रेम इतना वह वहां ज्यादा दिन तक नहीं रह पाईं।

पति-पत्नी ने इस्तीफा देकर लंदन से वापस लौटने का फैसला किया और हुआ भी यही। जनपद से दिव्या मित्तल को बस्ती के जिलाधिकारी की जिम्मेदारी मिलने के बाद लोगों ने फूल बरसाकर स्वागत किया था। जनपद में डीएम के पद पर रहने के दौरान विकास को लेकर काफी सख्त थी। अक्सर अधिकारियों को फटकार लगाती रहती थीं। लोगों की मदद करने को लेकर भी वह खूब सुर्ख़ियों में रहीं। यही वजह थी कि उन्हें विदाई देने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

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