वहीं, ई-टेंडर, भुगतान, लेखा और स्टाक से जुड़े डिजिटल रिकार्ड के जरिये इन फाइलों में दर्ज कई जानकारियां दोबारा जुटाई जा सकती हैं। इनसे टेंडर तैयार करने से लेकर खरीद की मंजूरी, आपूर्ति और भुगतान पाने वाली कंपनियों तक की पूरी कड़ी जोड़ने में मदद मिलेगी।