हिमाचल के चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को बकाया के साथ देंगे 20 हजार, CM सुक्खू का एलान; पेंशनरों को 35% भुगतान होगा

1449 Shares

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 67 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों को पूरे बकाये, लीव इनकैशमेंट और ग्रेच्युटी का भुगतान कर दिया है। उन्होंने घोषणा की कि एक जनवरी, 2016 से 31 जनवरी, 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को उनके बकाया वेतन के अलावा 20 हजार की राशि प्रदान की जाएगी।

साथ ही प्रथम, द्वितीय व तृतीय श्रेणी के पेंशनरों से संबंधित बेसिक-पे की शर्त हटाने के निर्देश जारी किए जाएंगे। इस शर्त को हटाए जाने के बाद सभी पात्र पेंशनरों को लंबित बकाये का 35 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा। इस भुगतान के साथ कर्मचारियों के कुल बकाये का 57 प्रतिशत हिस्सा चुकता हो जाएगा।

महंगाई भत्ता भी देंगे
राज्य सरकार आने वाले समय में कर्मचारियों को महंगाई भत्ता प्रदान करेगी। कांग्रेस सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि भाजपा इनके नाम पर राजनीति कर रही है।

आरडीजी बंद होने के बावजूद दे रहे वित्तीय लाभ

देहरा में मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि’ के तहत 800 मछुआरों को 3,500 रुपये प्रति व्यक्ति वित्तीय सहायता के चेक वितरित किए। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के अधिकारों के लिए लड़ रही है। राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद किए जाने के बावजूद सरकार वित्तीय सूझबूझ से कर्मचारियों और पेंशनरों को वित्तीय लाभ सुनिश्चित कर रही है।

भ्रष्टाचार में शामिल सभी लोगों से अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों का ब्योरा मांगा जाएगा। ऐसी संपत्तियों को जब्त कर गरीबों में वितरित किया जाएगा।

किशाऊ से 600 करोड़ का राजस्व

राज्य सरकार ने किशाऊ बांध परियोजना में प्रदेश के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी है, जिससे राज्य को हर वर्ष 600 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। जेएसडब्ल्यू मामले में सर्वोच्च न्यायालय में राज्य की जीत के बाद प्रदेश को अब सालाना करीब 150 करोड़ रुपये की आय हो रही है।

राज्य सरकार ने पूर्व भाजपा सरकार की ओर से अपनाई गई शराब ठेकों के नवीनीकरण की व्यवस्था को बंद करके नीलामी करने का निर्णय लिया है। इससे राज्य को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *