जब वर्षों तक जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों ने खुद ही अपनी समस्या का समाधान करने का निर्णय लिया।
योगापट्टी प्रखंड के खुटवनिया जरलपुर पंचायत अंतर्गत मदारपुर डीही से डीही पूर्व टोला को जोड़ने वाली जर्जर सड़क की मरम्मत ग्रामीणों ने आपसी सहयोग और श्रमदान से कराकर मिसाल पेश की है।
बुधवार की शाम ग्रामीणों ने करीब 15 हजार रुपये का चंदा एकत्र कर सड़क पर मिट्टी भराई का कार्य कराया। इससे लंबे समय से बाधित आवागमन सुगम हो गया है।
यह सड़क नन्कार फहतेपुर और योगापट्टी प्रखंड मुख्यालय को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, जिस पर प्रतिदिन सैकड़ों लोगों का आना-जाना होता है।ग्रामीणों के अनुसार बरसात शुरू होते ही सड़क की स्थिति और बदतर हो जाती थी।
जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढों में दो से तीन फीट तक पानी भर जाता था। इसके कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों, किसानों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
कई बार बाइक चालक और साइकिल सवार दुर्घटना का शिकार भी हो जाते थे। सबसे अधिक दिक्कत गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को अस्पताल ले जाने में होती थी।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की बदहाली को लेकर कई बार स्थानीय विधायक, सांसद और संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन किसी स्तर पर ठोस पहल नहीं की गई।
लगातार उपेक्षा से नाराज ग्रामीणों ने अंततः स्वयं आगे आकर सड़क की मरम्मत कराने का निर्णय लिया। स्थानीय लोगों ने घर-घर जाकर चंदा एकत्र किया और लगभग 15 हजार रुपये जुटाए। इसके बाद ग्रामीणों ने श्रमदान करते हुए सड़क पर मिट्टी डालकर गड्ढों को भरा तथा मार्ग को समतल बनाया।
मरम्मत कार्य में गांव के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।मुखिया नुरैशा खातून एवं उनके पति अबुलैश अंसारी ने इस कार्य के लिए पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।
वहीं मुसाफिर अंसारी, कलामुद्दीन अंसारी, मोहम्मद तौकीर आलम सहित दर्जनों ग्रामीणों ने आर्थिक सहयोग और श्रमदान कर अभियान को सफल बनाया।
नेमुल्लाह अंसारी, अरहर अंसारी, कर्रम अंसारी, जुमरल अंसारी और बबलू अंसारी ने कहा कि सड़क की मरम्मत से फिलहाल लोगों को राहत मिली है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए सड़क का पक्कीकरण जरूरी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि इस महत्वपूर्ण मार्ग का जल्द निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में लोगों को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।


