चित्रकूट में शरभंग नदी के उफान से मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग ठप, 12 ट्रेनें रद

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 मध्य प्रदेश के सतना जिले में भारी बारिश के बाद शरभंग नदी का पानी उफान पर आने से मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग के सतना-मानिकपुर रेलखंड पर शनिवार को रेल यातायात ठप हो गया।

चितहरा-मझगवां स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर पानी का तेज बहाव होने के कारण करीब चार घंटे से ट्रेनों का परिचालन बंद है।इससे इस रूट से गुजरने वाली ट्रेनों के पहिए थम गए हैं। रेलवे ने सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेनों को सतना, मानिकपुर और मझगवां स्टेशनों पर रोक दिया है। शरभंग नदी का पानी रेलवे ट्रैक के आसपास तेज बहाव के साथ गुजर रहा है।

इस रूट पर चलने वाली गोदान एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें अलग-अलग स्टेशनों पर खड़ी हैं। इससे यात्रियों को घंटों स्टेशनों पर इंतजार करना पड़ रहा है।

चितहरा-खुटहा के बीच ट्रैक डूबा

चित्रकूट के मानिकपुर जंक्शन के अधीक्षक शिवेश मालवीय ने बताया कि अमृत भारत एक्सप्रेस, रीवा-आनंद बिहार एक्सप्रेस व गोदान एक्सप्रेस को रोका गया है। सतना के अधिकारियों से बात करके काशन के साथ 10 किमी की गति में ट्रेनें निकालना शुरू किया गया है। यानी ट्रेनों को इस जलमग्न हिस्से से बेहद सावधानी के साथ गुजारा जा रहा है।इस दौरान कुछ ट्रेनों को सगमा, जैतवारा और मझगवां स्टेशनों पर रोककर रखा गया। यात्रियों को घंटों ट्रेनों के भीतर और स्टेशनों पर इंतजार करना पड़ा। स्थिति की निगरानी के लिए जीआरपी और आरपीएफ का अतिरिक्त स्टाफ सतना से मौके की ओर भेजा गया।

ये ट्रेनें हुईं प्रभावित

उपलब्ध सूची के अनुसार प्रभावित ट्रेनों के नंबर हैं, 19496, 12428, 13201, 11103, 09344, 22687, 15017, 11061, 11015, 11274 और 15160। इनमें 12428 रीवा एक्सप्रेस, 13201 राजेंद्रनगर-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, 15017 काशी एक्सप्रेस, 11061 लोकमान्य तिलक-जयनगर एक्सप्रेस, 11015 लोकमान्य तिलक-सहरसा अमृत भारत, 11274 प्रयागराज छिवकी-इटारसी एक्सप्रेस और 15160 सारनाथ एक्सप्रेस एवं गोदान एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं। संबंधित ट्रेनें मझगवां-चितहरा रेलखंड से होकर गुजरती हैं।

यात्रियों की बढ़ी परेशानी

अचानक रेल परिचालन थमने से मुंबई, जबलपुर, सतना, मानिकपुर और प्रयागराज की ओर जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश और नदी के उफान के बीच ट्रैक पर पानी आने से रेलवे को पहले यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी पड़ी।

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