जम्मू-कश्मीर की सियासत में इन दिनों नेशनल कॉन्फ्रेंस का आंतरिक कलह खुलकर सामने आ चुका है। पार्टी के सीनियर लीडर और श्रीनगर से सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने शुक्रवार को पार्टी से और लोकसभा से इस्तीफा देने का एलान किया।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के इस अंदरूनी टकराव पर चुटकी लेते हुए जम्मू-कश्मीर बीजेपी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक मीम शेयर किया। बीजेपी ने तंज कसते हुए लिखा…
इस्तीफे का ड्रामा बंद करो। आर्टिकल 370 अब इतिहास बन चुका है, इसे कोई वापस नहीं ला सकता। इस्तीफे का यह पूरा घटनाक्रम जम्मू-कश्मीर के लोगों का ध्यान पार्टी के टूटे वादों और नाकामियों से भटकाने के लिए रचा गया एक ‘फिक्स्ड मैच’ है। लोगों को बेवकूफ बनाना बंद करो और अपनी गड़बड़ियों का जवाब दो।
क्यों नाराज हैं सांसद रुहुल्लाह?
बीते शुक्रवार सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह ने पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला को पत्र भेजकर 3 नवंबर को संसद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का एलान किया। उन्होंने पार्टी नेतृत्व के सामने जवाबदेही तय करने की शर्त रखी है।
रुहुल्लाह ने लेटर के जरिए अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जनता से आर्टिकल 370 और 35A की बहाली का वादा किया था, लेकिन अब सत्ता में आने के बाद पार्टी केवल राज्य के दर्जे तक सीमित हो गई है।
फारूक अब्दुल्ला ने दी चुनौती
फारूक अब्दुल्ला ने बागी सांसद आगा सैयद के रवैए को देखते हुए चार दिन पहले चुनौदी दी थी कि संसद से इस्तीफा देकर फिर से चुनाव लड़ें फिर पता चल जाएगा कि वोट कैसे मिलते हैं। इसके जवाब में रुहुल्ला ने पत्र लिखकर इस्तीफे का एलान कियाआगा सैयद रुहुल्लाह के इस कड़े कदम और बीजेपी के तीखे हमलावर तेवरों ने नेशनल कॉन्फ्रेंस में आतंरिक कलह को उजागर कर दिया है। 3 नवंबर की तय तारीख से पहले NC के भीतर यह गुटबाजी क्या नया मोड़ लेती है, इस पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हैं

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

