क्रिकेट के मैदान पर कहासुनी और स्लेजिंग आम बात है। खेल के दौरान मैदान पर कई ऐसे दृश्य देखने को मिलते हैं, जहां प्लेयर्स स्लेज करते नजर आते हैं। हालांकि, यह नोकझोंक अगर शारीरिक टकराव तक पहुंच जाए तो प्लेयर्स के साथ-साथ खेल की सर्वोच्च संस्था पर भी उठना लाजमी है।
मंजरेकर ने वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) से जुड़ी घटना को भी याद किया, जो इस साल की शुरुआत में ‘A’ टीमों की ट्राई-सीरीज के दौरान श्रीलंका ‘A’ के खिलाड़ियों से लगभग भिड़ गए थे। मंजरेकर ने ICC और BCCI से अपील की कि वे ऐसी घटनाओं को दोबारा न होने दें।
मंजरेकर ने X पर लिखा, “डियर ICC और BCCI… हाल ही में इंडिया ‘A’ के लिए वैभव और अब जायसवाल… अगर आप उन्हें ऐसे व्यवहार के लिए बच निकलने देंगे, तो आप उन्हें ऐसा ही व्यवहार दोहराने के लिए तैयार कर रहे हैं। यह खेल के लिए और सबसे जरूरी बात, उनके अपने भविष्य के लिए भी अच्छा नहीं है।”
भारत की पहली पारी के 17वें ओवर में फर्नांडो ने जायसवाल को बोल्ड किया। जायसवाल पवेलियन लौट रहे थे कि लंकाई प्लेयर्स ने उन्हें कुछ कह दिया। इसके बा जायसवाल और फर्नांडो के बीच कहासुनी हुई। फर्नांडो ने अपना सिर जायसवाल की ओर बढ़ाया। जवाब में जायसवाल भी आगे बढ़े, जिससे उनके सिर आपस में टकरा गए।
दूसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले जायसवाल ने अपने व्यवहार का बचाव करते हुए कहा, “अगर आपको नहीं पता कि उन्होंने क्या कहा, तो कृपया कोई राय न बनाएं। अगर कोई हद पार करता है, तो हमें उन्हें बताना होगा कि भारत लड़ेगा और जवाब देगा।”

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

