सीएम हेमंत सोरेन का पुतला दहन: झारखंड में 1000 उपद्रवियों पर FIR, इससे पहले विधानसभा घेराव में 600 पर हुआ था केस
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) व झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में अनियमितता का विरोध कर रहे छात्रों के आह्वान पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान हुई हिंसक झड़प मामले में तीन जिलों में 1000 से अधिक अज्ञात उपद्रवियों के विरुद्ध प्राथमिकियां दर्ज की गईं हैं।
हजारीबाग के कोर्रा थाना क्षेत्र स्थित गांधी मैदान में छात्र व प्रशासन टकराव मामले में वहां प्रतिनियुक्ति मजिस्ट्रेट के बयान पर करीब 700 अज्ञात को आरोपित बनाया गया है। गिरिडीह के नगर थाने में छात्र संगठन की ओर से झामुमो जिला अध्यक्ष सहित 11 नामजद व 20 अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
वहीं, दूसरी ओर से झामुमो की ओर से भी 11 नामजद व 10 से 15 अज्ञात को आरोपित बनाया गया है। सभी जगहों पर वीडियो फुटेज, सीसीटीवी फुटेज आदि के आधार पर उपद्रवियों को चिह्नित करने की कार्रवाई चल रही है। राज्य में कई जगह छात्रों और झामुमो कार्यकर्ता के बीच हिंसक झड़पें हुई थीं।
क्या है पूरा मामला?
जेपीएससी और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षाओं के रद किए जाने के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक के विरोध में शुक्रवार शाम राज्य सरकार का पुतला दहन करने निकले अभ्यर्थियों और कुछ युवक के बीच विवाद के बाद अल्बर्ट एक्का चौक से लेकर वेंडर मार्केट तक हंगामा होता रहा। पूरा क्षेत्र करीब पांच घंटे तक हंगामेदार रहा। इस बीच यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जुलूस के दौरान एक युवक ने पुतला छीन लिया। विरोध करने पर उसने एक छात्रा के साथ धक्का-मुक्की की और एक छात्रा को थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद आक्रोशित अभ्यर्थियों ने युवक को पकड़ा और धुनाई कर दी।
इसके बाद फिर पुतला दहन करने के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच भी बहस शुरू हुई और शहीद चौक से वेंडर मार्केट के बीच पुलिस के साथ झड़प हुई। इस दौरान पुलिस बलप्रयोग किया जिसमें दो छात्र घायल हुए, इसमें रविंद्र पासवान और कुणाल शामिल है, इन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल में भी छात्रों ने हंगामा करने का प्रयास किया जिसे पुलिस ने शांत करवाया और सभी को अस्पताल से खदेड़ा। बता दें कि विधानसभा घेराव के दिन भी 100 नामजद और 500 अज्ञात पर रांची में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस पर छात्रों पर ज्यादती का आरोप भाजपा लगा रही है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

