नलगोंडा जिले में एक प्राइवेट स्कूल की प्रिंसिपल और डायरेक्टर रूपा रेड्डी की उनके घर पर हत्या के एक हफ्ते से ज्यादा समय बाद पुलिस ने उसी स्कूल के 10वीं क्लास के दो छात्रों को पकड़ा है। आरोप है कि उन्होंने रूपा की हत्या तब की जब उन्होंने उनमें से एक को अपने घर से चोरी करते हुए पकड़ लिया।
पुलिस ने बदला जांच का एंगल
चूंकि बाबू शब्द का इस्तेमाल अक्सर छात्रों को संबोधित करने के लिए भी किया जाता है, इसलिए जांचकर्ताओं ने उनके स्कूल के छात्रों की संभावित भूमिका की जांच शुरू की। इसके बाद पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू की और रूपा और उनकी दिनचर्या से परिचित लोगों, जिनमें छात्र और स्कूल स्टाफ शामिल थे सभी से पूछताछ की।
दो छात्रों पर पुलिस को हुआ शक
जांच में तब तेजी आई जब जांचकर्ताओं ने देखा कि हत्या के बाद 10वीं क्लास के दो छात्र अचानक बहुत ज्यादा पैसे खर्च करने लगे और दोस्तों के साथ पार्टी करने लगे। नलगोंडा के पुलिस अधीक्षक शरत चंद्र पवार ने कहा, “हत्या के बाद हमने देखा कि दो छात्र अचानक बहुत ज्यादा पैसे खर्च कर रहे थे और दोस्तों के साथ पार्टी कर रहे थे। इससे शक पैदा हुआ और हमने बुधवार सुबह दोनों नाबालिगों को हिरासत में ले लिया।”
दोनों ही लड़कों की शराब पीने की आदत
पुलिस ने एक नाबालिग के पास से 1.51 लाख रुपये नकद और एक आईफोन बरामद किया। शुरू में लड़के ने दावा किया कि पैसे उसे उसके माता-पिता ने दिए थे। हालांकि, एसपी ने बताया कि नकदी की फोरेंसिक जांच में इंसानी खून के निशान मिले। पुलिस के अनुसार, दोनों लड़कों को शराब पीने की आदत थी। उनमें से एक को बाइक और कार चलाने का बहुत शौक था और वह जल्दी पैसे कमाना चाहता था।
जांचकर्ताओं को यह भी पता चला कि हत्या से लगभग 15 दिन पहले वह नाबालिग रूपा की नजर में आ गया था। प्रिंसिपल और स्कूल के कुछ स्टाफ सदस्यों ने कथित तौर पर उसे एक बैग में मोबाइल फोन और नकदी ले जाते हुए पकड़ा था। उसे डांटा गया और बाद में रूपा ने उसे हॉस्टल से हटाने और केवल रेगुलर क्लास में शामिल होने की अनुमति देने का फैसला किया।
पांच दिन पहले बनाई हत्या की योजना
पुलिस ने बताया कि उसके माता-पिता को भी उसके व्यवहार के बारे में सूचित किया गया था। पुलिस को शक है कि इसी घटना ने शायद उस नाबालिग को रूपा के घर को निशाना बनाने के लिए उकसाया होगा। माना जाता है कि उन्हें लगा था कि 11 अगस्त को रूपा के घर पर काफी नकद रकम होगी, क्योंकि उस दिन स्कूल में फीस जमा हो रही थी।
यह कथित योजना हत्या से लगभग पांच दिन पहले बनाई गई थी। पुलिस के अनुसार, दोनों नाबालिगों ने पकड़े जाने से बचने के लिए दस्ताने और चाकू का इंतजाम किया और इलाके की रेकी की, जिसमें सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन का पता लगाना भी शामिल था।
11 अगस्त को कथित तौर पर एक लड़का कंपाउंड की दीवार फांदकर रूपा के घर में घुस गया, जबकि दूसरा बाहर इंतजार करता रहा। घर के अंदर गए नाबालिग ने कथित तौर पर नकद रकम ढूंढना शुरू कर दिया। रूपा उस दौरान फोन पर बात कर रही थीं तभी उन्होंने उसे घर के अंदर देखा। इस डर से कि रूपा उसे पहचान लेगी और चोरी की रिपोर्ट पुलिस को कर देगी, नाबालिग ने कथित तौर पर चाकू से उस पर हमला कर दिया।
पुलिस ने बताया कि उसने रूपा को 27 बार चाकू मारा और फिर करीब 2.5 लाख रुपये नकद लेकर भाग गया। हत्या के बाद नाबालिग ने सबूत मिटाने के लिए अपने पहने हुए कपड़े कथित तौर पर एक नाले में फेंक दिए। दोनों नाबालिगों को पकड़ लिया गया है और जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया है। पुलिस ने बताया कि उन्हें जुवेनाइल होम भेजने की प्रक्रिया चल रही है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

